आसिफ भी रिश्वत की रकम किस्त में लेने को तैयार हो गया। आरिश को पाउडर लगे नोट दिए जा चुके थे। यही 18 हजार रुपये लेते हुए विजिलेंस टीम ने विकास भवन स्थित कार्यालय से आसिफ को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान काफी गहमागहमी हो गई। टीम तत्काल ही आरोपी को विजिलेंस थाने ले गई और उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
छह महीने से लटका रखी थी पत्रावली
आरिश ने विजिलेंस अधिकारियों को बताया कि कक्षा पांच तक के मदरसे को स्थानांतरण करने की प्रक्रिया जिला कार्यालय से ही हो जाती है लेकिन उनके मदरसे में उच्च कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। इसलिए इसकी अनुमति लखनऊ स्तर से ही होनी है। उन्होंने मई में सारी औपचारिकताएं पूरी करके पत्रावली जमा कर दी थी। इसके बाद भी आसिफ बेवजह पत्रावली लटकाए हुए था। शिकायत पर अधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे थे। मजबूरी में उसे आरोपी को पकड़वाने का निर्णय लेना पड़ा और टीम से मिलकर इसकी भूमिका तैयार की।
कोई घूस मांगे तो दें सूचना
एसपी विजिलेंस अरविंद कुमार ने बताया कि किसी भी विभाग में कोई घूस मांगे तो विजिलेंस कार्यालय के सीयूजी नंबर 9454401866 पर सूचना दे सकते हैं। राजपत्रित अधिकारियों के बारे में भी यहां सूचना दी जा सकती है। शिकायतकर्ता चाहेंगे तो उनका नाम और पहचान गोपनीय रखी जाएगी।