आज के हाईटेक दौर में सब कुछ बदल गया है। डिजिटलाइजेशन ने चाहे तीज-त्योहार हों या हाट-मेले, सभी में बदलाव ला दिया है। जहां पहले मेलों में धूल मिट्टी के बीच दूर-दूर से लोग अपने घर-परिवार के साथ आते थे। अब ये लोग आज कॉलोनियों में अलग अंदाज में दशहरा मना रहे हैं और रावण के पुतले फूंक रहे है। बच्चे और युवतियां रावण के साथ सेल्फी ले रहे हैं और डीजे की धुन पर गा रहे हैं...रावण के साथ सेल्फी तू ले ले रे...।
शहर की कई पॉश कॉलोनियाें में दशहरा पर कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। कई जगह रावण का पुतला फूंकने से पहले बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। गीत संगीत से उन्होंने ऐसा धमाल किया कि बड़े भी उनके साथ हो लिए। पीलीभीत और बाईपास रोड के बीच बसी सनसिटी कॉलोनी में ऐसा ही नजारा था। बच्चों और युवतियों का उत्साह तो देखते ही बन रहा था। यहां बच्चे और युवतियां रावण के साथ सेल्फी ले रही थीं। यहां त्योहार मनाने का ट्रेंड बिल्कुल बदला हुआ था। लोग कुर्सियों पर बैठे स्नैक्स का मजा ले रहे थे। न धूल-धक्कड़ थी और न धक्का-मुक्की। इसी ट्रेंड पर कार्यक्रम अन्य कॉलोनियों में भी दशहरा पर कार्यक्रम हुए।