घटना की जानकारी लेतीं स्कूल की प्रधानाचार्य।
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महिला कर्मचारी ने अपने ऊपर डाला मिट्टी का तेल, स्टाफ ने बचाया
बरेली। तेरह साल से रुका हुआ वेतन न मिलने पर राम भरोसे लाल गर्ल्स इंटर कालेज में महिला कर्मचारी ने आत्मदाह की कोशिश की। इससे स्कूल में अफरातफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद लोगों ने महिला को रोककर पुलिस को सूचना दी। पुलिस महिला को कोतवाली ले गई लेकिन बाद में स्कूल और महिला के बीच समझौता हो गया।
बृहस्पतिवार को रामभरोसे गर्ल्स इंटर कॉलेज में एक सेवानिवृत्त लिपिक पहुंचे थे। उन्हें देखकर एक महिला कर्मचारी भड़क गई। आरोप लगाया कि पिछले तेरह सालों से इन्हीं की बदौलत उसका एक महीने का वेतन नहीं मिल पा रहा है। इस पर लिपिक ने भी कुछ जवाब दे दिया। दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। इसी बीच महिला कर्मचारी ने अपने ऊपर मिट्टी का तेल डाल लिया और आत्मदाह की कोशिश करने लगे। यह देखते ही कॉलेज में अफरातफरी मच गई और स्टॉफ के लोगों ने महिला को पकड़कर बैठा लिया। सूचना पर कोतवाली पुलिस कॉलेज पहुंची और महिला को थाने ले आई। महिला ने पुलिस को बताया कि 2007 में तत्कालीन प्रधानाचार्या ने मेरा एक महीने का वेतन रोका था। प्रार्थना पत्र देने के बाद भी वेतन जारी नहीं किया गया है। अगले वर्ष मेरा प्रमोशन है। वेतन रुका होने के कारण प्रमोशन में भी बाधा आ रही है। कुछ देर की बातचीत के बाद महिला और उसके पति ने कहा कि वे लोग कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। प्रधानाचार्या नवनीत मेहता ने बताया, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने स्कूल में बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया है। अनुशासनहीनता के चलते उनसे तीन दिनों में जवाब मांगा गया है। बताया कि वह कई बार महिला से वेतन वाली फ ाइल लेकर आने को कह चुकी हैं लेकिन वह तक अपनी फ ाइल नहीं लाईं।