मामले का वीडियो वायरल होने के बाद जिला परियोजना अधिकारी ने की कार्रवाई
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19 जन्म प्रमाण पत्र बनाने के एवज में कुआंडांडा ब्लॉक में तैनात सचिव ने ली थी घूंस
फरीदपुर। जन्म प्रमाण पत्र बनाने के एवज में गांव वालों से 38 सौ रुपये घूंस लेते वीडियो वायरल होने पर जिला परियोजना अधिकारी ने कुआंडांडा ब्लॉक में तैनात सचिव विकास खरे को निलंबित कर दिया है। उसके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू करा दी गई है।
तहसील क्षेत्र के गांव पड़ौली में रहने वाले देवदत्त ने कुआंडांडा ब्लॉक में तैनात सचिव विकास खरे पर 19 जन्म प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर 38 सौ रुपये रिश्वत लेने की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की थी। बुधवार को ब्लॉक परिसर में कार में बैठकर जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए सौदेबाजी करते हुए उसका वीडियो भी वायरल हुआ था। बाद में 38 सौ रुपये में 19 जन्म प्रमाण बनाना का सौदा तय किया था। यह रकम गांववालों ने सचिव को दे दी थी। इसका किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। मामले की जानकारी होने पर जिला परियोजना अधिकारी एवं ब्लॉक के प्रभारी बीडीओ तेजवंत सिंह ने उसे प्रथम दृष्टया जांच में दोषी पाते हुए निलंबित कर दिया। उसके खिलाफ विभागीय जांच भी बैठा दी गई है। वहीं सचिव शिकायतकर्ता पर शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहा है। पीड़ित का आरोप है कि सचिव विकास खरे और उसके गुर्गे लगातार उन्हें फोन पर धमका रहे हैं और लिखकर देने को कह रहे हैं कि वह रकम रिश्वत की नहीं थी।
ब्लॉक में लंबे अरसे से जमे हुए कई सचिव
कुआंडांडा ब्लॉक में कई अन्य ऐसे सचिव हैं जो पांच साल से ज्यादा समय से यहां जमे हुए हैं और विभाग उन्हें हटा नहीं रहा है। लंबे समय से टिके होने की वजह से वे लगातार अपनी मनमानी कर रहे हैं और क्षेत्र की जनता से अवैध वसूली। ये क्षेत्र की जनता की न तो कोई समस्या सुनते हैं और न ही विकास करते हैं। जो इन्हें पैसा देता है ये सचिव उन्हीं का काम करते हैं बाकी लोगों को चक्कर कटवाते रहते हैं।
वायरल वीडियो की जांच में प्रथम दृष्टया सचिव विकास खरे को दोषी पाए जाने पर निलंबित कर दिया गया है। उसके खिलाफ विभागीय जांच की भी संस्तुति की गई है। - तेजवंत सिंह, जिला परियोजना अधिकारी एवं प्रभारी बीडीओ कुआंडांडा ब्लॉक