बरेली। ईद-उल-अजहा पर दूसरे रोज भी कुर्बानी का सिलसिला बदस्तूर जारी रहा। इसमें हजारों लोगों ने कुर्बानी कराकर हजरत इब्राहिम की याद को ताजा किया।
बृहस्पतिवार सुबह बारिश के बावजूद मुस्लिम बहुल इलाकों में चहल पहल बनी रही। बारिश रुकते ही बच्चे कुर्बानी के लिए लाए गए भेड़, बकरी और पड्डे लेकर घुमाने अपने मोहल्लों में निकल पड़े। इस दौरान कुर्बानी की रस्म भी लोग पूरी करते रहे। इन सब के बीच ईद-उल-अजहा की मुबारकबाद देने का सिलसिला भी चलता रहा। उधर, बाजार में बकरों की खरीदारी भी रही। अलबत्ता दूसरे रोज बकरों के दाम कम रहे। पिछले दो दिनों के मुकाबले बृहस्पतिवार को दो से तीन हजार रुपये तक बकरों के दाम कम रहे। बाजार के अलावा तमाम बकरा विक्रेता दिन में गली मोहल्लों में भी फेरी लगाते दिखाई दिए। शुक्रवार को कुर्बानी का आंतिम दिन होगा।
मेहमाननवाजी और दावतों की रही धूम, कबाब पार्टियां भी हुईं
बरेली। बकरीद को लेकर दूसरे रोज शहर के मुस्लिम बहुल इलाकों में जश्न का माहौल रहा। मेहमाननवाजी के साथ दावतों की भी धूम रही। कहीं बिरयानी तो कहीं कबाब पार्टियां की गईं। शाम तक चली कुर्बानी के बाद देर शाम में लोगों के यहां मेहमानों के आने-जाने का सिलसिला शुरू हो गया। इस दौरान कई जगह बकरीद की दावतें आयोजित की गईं। इसमें तरह तरह के पकवान मेहमानों के दस्तरख्वान पर परोसे गए। कई लोगों ने खास दोस्तों के लिए कबाब पार्टियां आयोजित कीं। यह सिलसिला देर रात तक शहर के कई इलाकों में देखने को मिला। खासतौर से पुराना शहर, कोहाड़ापीर और किला क्षेत्र के कई मोहल्लों और कॉलोनियों में चहल-पहल बनी रही।