पिता को बेटे का कातिल साबित करने के लिए पुलिस जुटा रही है साक्ष्य, फरार भाई की कुर्की की तैयारी
बरेली। किला इलाके में लॉकडाउन के दौरान हुई कपड़ा व्यवसायी अफसर खां की हत्या के मामले में साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। अब एक बार फिर अफसर खां का कंकाल कब्र से निकाला जाएगा। इस बार उसे लैब में भेजकर खोपड़ी में फंसे छर्रे निकलवाकर उनकी जांच कराई जाएगी। पुलिस अफसर के फरार आरोपी भाई की कुर्की करने की तैयारी भी कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, अप्रैल में संपत्ति विवाद में कपड़ा व्यवसायी अफसर खां की उसके पिता रिटायर्ड दरोगा अंसार खां ने घर में ही गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना में अंसार के दो बेटे आमिर और सरफराज भी शामिल थे। वारदात के वक्त अफसर की पत्नी हिना रसोई में थी। बकौल हिना, पति को गोली लगने पर उसने शोर मचाने की कोशिश की तो ससुर ने आमिर और सरफराज की मदद से उसे बंधक बना लिया। छह महीने से ज्यादा वक्त तक घर में ही कैद रखा गया।
अक्तूबर में हिना ने एसएसपी रोहित सिंह सजवाण से शिकायत की तो उनकी संस्तुति पर डीएम की अनुमति लेकर शव को कब्र से निकाला गया।
छह महीने पुराने कंकाल में पोस्टमार्टम से कुछ खास तथ्य नहीं मिले। तब एसएसपी के आदेश पर कंकाल का एक्स-रे कराया गया तो खोपड़ी में गोली के छर्रे फंसे होने की पुष्टि हुई। कुछ छर्रे पसलियों में भी फंसे थे। इसके बाद थाना किला में रिपोर्ट दर्ज कर अंसार और आमिर को जेल भेज दिया गया, लेकिन सरफराज हाथ नहीं आया। अफसर की हत्या में उसके पिता और भाइयों को सजा दिलाने के लिए पुलिस को अब तकनीकी साक्ष्यों की दरकार है। चूंकि घटना बंद घर में हुई और छह महीने बाद रिपोर्ट लिखी गई, इसलिए चश्मदीद गवाहों की कमी खलेगी। कंकाल को लैब में भेजकर छर्रे निकालने के लिए एक बार फिर कब्र से निकाला जाएगा। इसके लिए डीएम की अनुमति लेने की तैयारी है। मृतक के आरोपी फरार भाई सरफराज की संपत्ति की कुर्की भी पुलिस कर सकती है। इसके लिए किला इंस्पेक्टर आरके तिवारी ने कोर्ट में कार्रवाई शुरू करा दी है।
निलंबित इंस्पेक्टर हुए बहाल
किला थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर मनोज कुमार को इस सनसनीखेज मामले में छह माह से कार्रवाई न करने पर निलंबित कर दिया गया था। उनकी जगह इंस्पेक्टर सतीश यादव भेजे गए जो लड़की की बरामदगी को लेकर थाने में हुए बवाल में लाइन हाजिर हो गए। मनोज कुमार को पिछले दिनों बहाल कर दिया गया है। अभी उनकी तैनाती लाइन में ही है।
अफसर खां की हत्या का एक आरोपी अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी में पुलिस लगी है। दोबारा शव को कब्र से निकलवाने के लिए डीएम से अनुरोध किया जाएगा। केस को मजबूत बनाने में सिर में धंसे छर्रों की जरूरत होगी। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी