सोमवार को आरपीएफ बरेली पोस्ट की बिलपुर चौकी के एसआई नरवीर सिंह शाहजहांपुर पहुंचे। उन्होंने मेडिकल कॉलेज में भर्ती छह घायल यात्रियों के बयान दर्ज किए। इन यात्रियों के साथ उनके चार करीबी भी थे। उनके बयान भी दर्ज कर लिए गए हैं। गाजीपुर के गांव रजईपुर बन्नी निवासी चंद्रपाल को लखनऊ रेफर कर दिया गया है।
रेल अफसरों ने पूछा हालचाल, मंडल स्तर से निगरानी
हादसे में घायल होने वालों की मुरादाबाद मंडल स्तर से निगरानी चल रही है। इस कार्य के लिए रात में टीटीई की ड्यूटी अस्पताल में लगाई गई। सोमवार को शाहजहांपुर स्टेशन अधीक्षक पीएस तोमर, सीएमआई एसके ठाकुर, सीएचआई त्रिलोक चंद्र, सीआईटी केके यादव ने मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। अधिकारियों ने प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार से मरीजों के स्वास्थ्य के बारे में पूछा।
कुछ यात्री भागे, बाकी धक्का-मुक्की से गिरे
यात्रियों के बयान से साफ हो गया है कि ट्रेन के जनरल कोच जीएस में आग लगने की अफवाह फैली थी। ट्रेन चेन पुलिंग के बाद पुल पर रुकी तो आग लगने की अफवाह मचने पर इस कोच के यात्री कूदने लगे। अन्य कोचों के यात्रियों ने देखा तो वह भी कूदने लगे। इस दौरान काफी यात्री धक्का-मुक्की के बीच गिरकर घायल हो गए।
चंदौली निवासी घायल महिला यात्री अख्तरी ने बताया कि वह धक्का-मुक्की के बीच अपनी बेटी के साथ पत्थरों पर गिर गईं। उन्नाव के कुलदीप ने बताया कि भगदड़ के बीच वह कुछ समझ ही नहीं सके। विवेचक नरवीर सिंह ने बताया कि अब तक की जांच में अफवाह के कारण भगदड़ मचने की बात सामने आई है।
दो अन्य मामले भी होंगे विवेचना का हिस्सा
एक माह के भीतर ट्रेन के कोच में आग लगने की रविवार को तीसरी अफवाह थी। इससे पहले 14 जुलाई को 13308 गंगा सतलुज एक्सप्रेस के जनरल कोच में पितांबरपुर स्टेशन के पास और 21 जुलाई को 04303 बरेली-दिल्ली पैसेंजर के जनरल कोच में गुमथल स्टेशन के पास इसी तरह की अफवाह फैल चुकी हैं। बरेली-दिल्ली पैसेंजर में भी अग्निशमन सिलिंडर लीक हुआ था। विवेचक का कहना है कि इन मामलों को भी पड़ताल में शामिल किया जाएगा।