प्राथमिक विद्यालय नई कोतवाली परिसर में उगी झाड़ियां
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गंदे शौचालय और झाड़ियों से बीमारियों का खतरा
दोपहर 12:30 बजे टीम प्राथमिक विद्यालय नई कोतवाली पहुंची। नवनिर्मित भवन में सफाई थी, पर शौचालय गंदे मिले। एक ही कक्षा में पांचवीं तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई होती है। पुराना भवन ध्वस्त कर दिया गया है। मलबे में उगी झाड़ियों में विषधर निकलने की आशंका रहती है। मच्छरों के लार्वा पनपने से बच्चों पर संचारी रोगों का खतरा मंडरा रहा है। स्कूल में 35 बच्चे पढ़ रहे थे। दो शिक्षक तैनात हैं, पर प्रभारी प्रधानाध्यापक आमिर ही बच्चों को पढ़ाते मिले।
प्रभारी प्रधानाध्यापक आमिर के मुताबिक स्कूल वर्ष 1927 से संचालित है। पुराना भवन गिरने लगा तो कायाकल्प के तहत नया भवन पिछले वर्ष बना। सफाईकर्मी नहीं है। नगर निगम के कर्मचारी शौचालय साफ नहीं करते। झाड़ियों की कटाई के लिए नगर निगम को पत्र भेजा है, पर अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। माहभर पूर्व खुद के खर्चे पर झाड़ियां कटवाई थीं, पर बारिश में ये फिर से पनप गई हैं।
साहूकारा प्राथमिक विद्यालय की दीवारों में दरार
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इमारत की पहली ईंट गिरी तो पता चला कब बना भवन
प्रभारी प्रधानाध्यापिका शकुंतला के मुताबिक, साहूकारा स्थित नवीन प्राथमिक विद्यालय का निर्माण कब हुआ, इससे संबंधित दस्तावेज स्कूल में नहीं हैं। पहली ईंट गिरी तो उस पर 1932 छपा था। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, भवन निर्माण से पूर्व कच्चे बरामदे में पढ़ाई कराई जाती थी। साहू रामनारायण की भूमि पर स्कूल संचालित है। संचालन बेसिक शिक्षा विभाग कर रहा है। वर्तमान में 65 बच्चे पंजीकृत हैं।
प्रभारी प्रधानाध्यापिका शकुंतला ने बताया कि भवन की मरम्मत के लिए कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा है। तीन दिन पूर्व बीएसए ने स्कूल का निरीक्षण किया था। जर्जर भवन देखकर आंगन में शेड लगवाने का आश्वासन दिया है।
बीएसए संजय सिंह ने बताया कि स्कूलों के खंडहर हो चुके भवनों को अगले माह तक ध्वस्त कर दिया जाएगा। फिलहाल जर्जर कमरों को बंद कर दिया जाएगा। इसके अलावा जर्जर भवनों की मरम्मत के लिए शासन को लिखा जाएगा।