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सुसाइड नोट छोड़ लापता हुए सराफ विनय हरिद्वार में मिले

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सराफ विनय गोयल। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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सूदखोर कर रहे थे उत्पीड़न, तीन अगस्त को छोटे भाई ऋषभ के साथ हो गए थे लापता
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हरिद्वार के एक आश्रम में रह रहे थे विनय, बरेली ला रही है पुलिस

बरेली। सूदखोरों के उत्पीड़न से त्रस्त होकर सुसाइड नोट छोड़कर लापता हुए सराफ विनय गोयल के हरिद्वार में होने का पता लगा है। सूचना मिलते ही मिल आत्महत्या करने के लिए घर से निकले दो सरार्फ भाइयों में बड़ा भाई भी मंगलवार को मिल गया। वह हरिद्वार में मिला है। पुलिस उसे बरेली लेकर आ रही है।
आंवला में रहने वाले सर्राफ ऋषभ और विनय गोयल की बरेली में आलमगिरी गंज में दुकान है। कुछ सालों से दोनों भाइयों के परिवार प्रेमनगर में रह रहे थे। ऋषभ और विनय ने कुछ सूदखोरों से कर्ज ले रखा था। सूदखोर दोनों भाइयों और उनके परिवार को काफी समय से प्रताड़ित कर रहे थे। तीन अगस्त को दोनों आत्महत्या की बात कहकर घर से निकल गए थे। इज्जतनगर के पास एक गांव में लोगों ने उसी दिन ऋषभ को आत्महत्या की कोशिश करते हुए पकड़ लिया और घर ले आए लेकिन विनय लापता हो गए। विनय की लोकेशन गढ़ मुक्तेश्वर में मिलने पर पुलिस वहां पहुंची लेकिन वह नहीं मिले। उनकी स्कूटी मिली जिसमें एक सुसाइड नोट और मोबाइल रखा हुआ था।
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विनय ने सुसाइड नोट में सूदखोरों की प्रताड़ना और आत्महत्या करने की बात लिखी थी। प्रेमनगर पुलिस ने सुसाइड नोट और परिवार वालों की तहरीर के आधार पर विक्रम रस्तोगी, राधाकृष्ण रस्तोगी, अनिल अग्रवाल और प्रदीप अग्रवाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। जांच में पता चला था कि दोनों भाइयों ने काफी कर्ज ले रखा था। सूदखोर उन्हें और उनके पूरे परिवार को परेशान कर रहे थे।
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पुलिस लगातार विनय गोयल की तलाश कर रही थी। इंस्पेक्टर शितांशु शर्मा ने बताया कि विनय गोयल की गुमशुदगी के पर्चे उन्होंने हरिद्वार समेत कई जगह चस्पा कराए थे। विनय हरिद्वार में एक आश्रम में रह रहे थे। उनकी गुमशुदगी के पर्चे पढ़कर लोगों ने इसकी सूचना दी। मंगलवार को पुलिस ने हरिद्वार पहुंचकर उन्हें बरामद कर लिया। देर शाम पुलिस उन्हें हरिद्वार से बरेली के लिए लेकर चल दी थी।
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