बरेली। खेलों में धांधली रोकने के लिए खिलाड़ियों का डाटा ऑनलाइन किया जा रहा है। एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं से उनको मिले प्रमाण पत्रों पर सेफ्टी कोड लगाया जाएगा। इसको स्कैन करने से खिलाड़ी की समस्त जानकारी फोन पर उलब्ध हो जाएगी।
एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से खेलों में फर्जीवाड़े की रोकथाम के लिए नई पहल की गई है। फेडरेशन की ओर से खिलाड़ियों की जानकारी ऑनलाइन शिफ्ट करने के साथ सेफ्टी कोड का इस्तेमाल करने की योजना बनाई गई है। इससे खेल कोटे से भर्ती व नौकरी के लिए अलग-अलग संस्थानों को जिला एथलेटिक्स संघ की मुहर की जरूरत नहीं पड़ेगी। ऑनलाइन ही प्रमाण पत्रों का सत्यापन हो जाएगा। जिला, प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में मिलने वाले प्रमाण पत्रों में खिलाड़ियों का फोटो वाला सेफ्टी कोड लगाया जाएगा। कोड को स्कैन करते ही प्रतिभागी की सभी जानकारी फोन पर आ जाएगी।
राष्ट्रीय स्तर पर लागू हो गई है व्यवस्था
साई सेंटर के एथलेटिक्स कोच जेएस द्विवेदी ने बताया कि सेफ्टी कोड की प्रक्रिया राष्ट्रीय स्तर के खेलों में लागू हो चुकी है। मंडलीय व जिला स्तर पर व्यवस्था लागू करने की तैयारी चल रही है। 19 मार्च को होने वाली प्रदेशीय बैठक के बाद प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
डोपिंग की जांच के बाद मिलेगा प्रमाण पत्र
प्रतियोगिता के प्रमाण पत्र मिलने पर खिलाड़ियों का डोप टेस्ट कराया जाता है। इसके लिए खिलाड़ियों को जिला एथलेटिक्स संघ से प्रमाण पत्र लाना होता था। अब डोप टेस्ट के बाद खिलाड़ियों को प्रमाण पर ईमेल किए जाएंगे। उन्हें चक्कर काटने की जरूरत नही पड़ेगी।
विश्वविद्यालय में हो चुका है फर्जीवाड़ा
अंतर महाविद्यालयी व विश्वविद्यालयी खेलों में पहले भी कई खिलाड़ियों के दस्तावेज में उम्र व पते में फर्जीवाड़े का मामला सामने आ चुका है। खिलाड़ियों पर आरोप-प्रत्यारोप लगते आए हैं। इसकी वजह से खेल का समय भी जाया होता है। इसी को खत्म करने के लिए डिजिटल प्रमाण पत्र दिए जाने का निर्णय लिया गया है।