बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय (रुविवि) ने वैश्विक मंच पर एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। यूनाइटेड किंगडम (लंदन) की प्रतिष्ठित संस्था टाइम्स हायर एजुकेशन की ओर से जारी सस्टेनेबिलिटी इंपैक्ट रेटिंग्स-2026 में विश्वविद्यालय ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है।
कुलपति प्रो. केपी सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय ने संयुक्त राष्ट्र के सभी 17 सतत विकास लक्ष्यों में अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराते हुए दुनिया भर के 1603 उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच 100 में से 54.9 अंक हासिल किए हैं। इस शानदार स्कोर के साथ विश्वविद्यालय को वैश्विक स्तर पर समग्र रूप से 801-1000 रैंक बैंड में स्थान मिला है।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने उत्तर प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों में पहला स्थान हासिल कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय ने अखिल भारतीय रैंकिंग में 67वां स्थान प्राप्त कर अपनी धाक जमाई है।
भूख मुक्ति की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करते हुए विश्वविद्यालय ने वैश्विक स्तर पर 201-300 रैंक बैंड हासिल किया है। असमानताओं में कमी , जलमंडलीय जीवन और शांति व न्याय के क्षेत्र में विश्वविद्यालय को 301-400 रैंक बैंड मिला है। स्वच्छ जल, उद्योग, नवाचार, सतत शहर, जिम्मेदार उपभोग, जलवायु कार्रवाई और स्थलीय जीवन जैसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों में भी विश्वविद्यालय 401-600 रैंक बैंड के साथ आगे रहा है।
गरीबी उन्मूलन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, किफायती ऊर्जा और आर्थिक विकास में 601-800 रैंक बैंड मिला है। लैंगिक समानता, अच्छा स्वास्थ्य और लक्ष्यों के लिए साझेदारी जैसे क्षेत्रों में भी विश्वविद्यालय ने अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई है।