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Bareilly News: संविदा कर्मियों ने फैलाया कूड़ा, गंदगी व बदबू से परेशान हुए शहरवासी

Thu, 25 Jun 2026 12:53 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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बरेली। भुगतान नहीं मिलने और छह साथियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज होने से नाराज संविदा और ठेका सफाईकर्मियों के उग्र विरोध के चलते बुधवार को शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई। विरोध स्वरूप कर्मचारियों ने श्यामगंज, सेटेलाइट, बदायूं रोड, कटरा चांद खां और पुराना शहर समेत कई प्रमुख चौराहों व सड़कों कूड़ा पलट दिया। इससे कई जगह जाम भी लगा। शहर के 35 वार्डों की सफाई व्यवस्था धड़ाम रही। गंदगी व बदबू से शहरवासी परेशान रहे। उनको संक्रामक बीमारियां फैलने की चिंता सता रही है।
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स्थानीय निकाय सफाई कर्मचारी संघ के आह्वान पर प्रदर्शन कर रहे ठेका कर्मियों ने कटरा चांद खां की गलियों से कूड़ा पलटने की शुरुआत की। स्थानीय पार्षद छंगामल मौर्य के आवास के बाहर भी कूड़ा पलट दिया। स्थिति संभालने के लिए नगर निगम ने अपने नियमित सफाई कर्मचारियों को मैदान में उतारा है। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) के कैमरों के जरिये अराजकता फैलाने वालों पर नजर रखी जा रही है। उनकी पहचान कर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी है। गंदगी व बदबू से परेशान लोगों ने सड़क पर कूड़ा पड़े होने के वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए।

भुगतान नहीं करने वालों ठेकेदारों पर होगी कार्रवाई

नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि शहर के 35 वार्डों की सफाई व्यवस्था निविदा (टेंडर) के जरिये कराई जा रही है, जिसकी अवधि 31 मई 2026 को समाप्त हो चुकी है। शासन की ओर से एक अप्रैल से लागू की गई नई दैनिक दर 435.14 रुपये की मांग को स्वीकार करते हुए नगर निगम ने नए टेंडर आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आउटसोर्सिंग और ठेके पर तैनात सफाई मित्रों को देय अन्य भुगतान और बीमा सुविधाएं संबंधित सेवा प्रदाताओं (फर्मों) की ओर दी जा रही हैं या नहीं, इसकी जांच के लिए विशेष टीम गठित की है। कर्मचारी संघ से ऐसे सफाई कर्मियों की सूची मांगी गई है, जिन्हें फर्मों की ओर से भुगतान नहीं किया गया है। प्रकरण की जांच कर दोषी फर्मों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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स्वच्छ सर्वेक्षण पर पड़ेगा असर
सफाई कर्मचारियों की नाराजगी का असर स्वच्छ सर्वेक्षण में शहर की रैंकिंग पर भी पड़ सकता है। शहर की सड़कों पर जगह-जगह पड़ा कूड़ा व वॉयरल फोटो-वीडियो नगर निगम परेशानी बढ़ा सकते हैं।

जांच टीम गठित
नगर स्वास्थ्य अधिकारी और सफाई कर्मियों के बीच नोकझोंक के बाद मामले ने तूल पकड़ा। फिर नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भानु प्रकाश की ओर से छह कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। इसके बाद सफाई कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया। इसका असर बुधवार को सुबह से ही नजर आया। कई वार्डों में कूड़ा न उठने से लोगों में आक्रोश है। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने अपर नगर आयुक्त शशि भूषण राय के नेतृत्व में जांच टीम गठित कर रिपोर्ट तलब की है। सफाई कर्मियों की ओर से कूड़ा कलेक्शन न करने पर नाराजगी जाहिर की है।

ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे ठेकाकर्मी
कटरा चांद खां में बना डलावघर कूड़े से पटा नजर आया। इससे उठने वाली दुर्गंध ने राहगीरों व स्थानीय निवासियों को परेशान किया। सफाई कर्मियों ने कूड़ा उठाने के बजाय वाहन में भरे कूड़े को इलाके की सड़कों पर फैलाना शुरू कर दिया। इससे स्थिति और खराब हो गई। मौके पर सफाई कर्मियों ने जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कर्मियों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन कर्मचारी ठेकेदार पर कार्रवाई और पूरा वेतन मिलने की मांग पर अड़े रहे। तब पुलिसकर्मियों ने उच्चाधिकारियों से वार्ता करने का आश्वासन दिया। इसके बाद सफाई कर्मियों ने पुलिस जिंदाबाद के नारे भी लगाए। हालांकि, शहर के विभिन्न हिस्सों में अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है।
13 हजार की जगह 7,500 रुपये भुगतान का लगाया आरोप
नगर निगम में करीब 700 संविदा सफाई कर्मचारी काम करते हैं। स्थानीय निकाय सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष आशीष कुमार ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों का मासिक वेतन 13,000 रुपये निर्धारित है, लेकिन ठेकेदार उन्हें केवल 7,500 रुपये का भुगतान कर रहा है। अवकाश के पैसे भी काटे जा रहे हैं। कर्मचारियों ने इस आर्थिक शोषण के खिलाफ कई बार नगर आयुक्त से गुहार लगाई पर उन्हें केवल आश्वासन ही मिला।
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