फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: हाउस टैक्स पर बढ़ी रार, नगर निगम ने बंद की वेबसाइट, परेशान हो रहे लोग

Fri, 21 Jun 2024 02:33 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

 नगर निगम में सुबह से शाम तक शिकायतकर्ताओं की भीड़ उमड़ रही है, लेकिन अफसरों के पास इसका समाधान नहीं है। अब शिकायतों से परेशान होकर निगम ने वेबसाइट को ही बंद कर दिया गया है। 
विज्ञापन
नगर निगम बरेली - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बरेली में जीआईएस सर्वे के बाद लागू की गई नई टैक्स प्रणाली में खामियों की भरमार है। कहीं आवासीय भवनों को व्यावसायिक दिखाया गया है तो किसी का गृहकर (हाउस टैक्स) 80 फीसदी तक बढ़ा दिया गया है। नगर निगम में सुबह से शाम तक शिकायतकर्ताओं की भीड़ उमड़ रही है, लेकिन अफसरों के पास इसका समाधान नहीं है। अब शिकायतों से परेशान होकर निगम ने वेबसाइट को ही बंद कर दिया गया है। 

विज्ञापन


जानकारी के अभाव में लोग इसलिए भी परेशान हो रहे हैं कि वेबसाइट क्यों नहीं चल रही है? इससे लोग ऑनलाइन शिकायतें भी नहीं कर पा रहे हैं। अब समस्या का समाधान कैसे हो? यह सोचकर लोग परेशान हो रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक अब महापौर व नगर आयुक्त के साथ बैठक के बाद ही इस मामले में कोई फैसला लिया जाएगा।

'10 हजार दे दो... मामला निपटा देंगे': शिकायतकर्ता से मांगी घूस, एसएसपी ने दरोगा-सिपाही को किया निलंबित
विज्ञापन


आवासीय भवन को व्यावसायिक दर्शाकर लगाया 89 हजार का कर: वार्ड 35 निवासी नागेश की 470 वर्गफुट में दुकान बनी है, जिसका संचालन वह खुद ही कर रहे हैं। उनका बाकी का क्षेत्रफल आवासीय है। उनका वर्ष 2023-24 का गृहकर का बिल 89,305 रुपये आया है। 

उन्होंने निगम की वेबसाइट पर जाकर जानकारी की तो उसमें उनकी बिल्डिंग के अलावा दूसरे व्यावसायिक भवन का फोटो लगा है। इसी आधार पर उन्हें गृहकर का बिल भेजा गया है। रुहेलखंड उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार महरोत्रा ने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी प्रदीप कुमार को ज्ञापन सौंपा है।

35 वर्गफुट की दुकान और बिल 26 हजार बढ़ा दिया
बाग ब्रिगटान के मंसूर हुसैन की रोडवेज पर 35 वर्गफुट में दुकान बनी है। वर्ष 2022-23 में उनका 518 रुपये का टैक्स आया था। पिछला बकाया 518 रुपये जोड़कर वर्ष 2023-24 का बिल 27,239 रुपये आया है। बिल पर उनके पड़ोसी दुकानदार का मोबाइल नंबर अंकित कर दिया गया है। 

मुख्य कर निर्धारण अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि वेबसाइट का संचालन बंद कर दिया गया है। महापौर और नगर आयुक्त समेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर इसमें संशोधन के लिए नई रणनीति तय की जाएगी। तभी वेबसाइट को खोला जाएगा। शिकायतों के निस्तारण का प्रयास किया जा रहा है। 
विज्ञापन

शनिवार धरना देंगे व्यापारी 
 उप्र उद्योग व्यापार मंच की बैठक बृहस्पतिवार शाम को एक होटल में हुई। व्यापारियों ने कहा कि नगर निगम जीआईएस सर्वे के नाम पर जनता पर भारी कर का बोझ डाल रहा है। साथ ही गृहकर में मिल रही छूट को समाप्त करने व वित्तीय वर्ष 2023-24 में जमा धनराशि पर फिर एरियर निकालने का विरोध किया गया। 

व्यापार मंडल ने 22 जून को सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में सुबह 11 बजे से धरना देने व नगर निगम के कारनामों के परचे बांटने का ऐलान किया है। ट्रेड यूनियन के संजीव मल्होत्रा ने भी धरने में सहयोग देने का वादा किया है। इस मौके पर राजेश अग्रवाल, व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष सैयद गौहर अली, संजय आनंद, फुरकान शम्सी, मनजीत मरवा आदि मौजूद रहे। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें