बरेली। चुनाव आचार संहिता के कारण रुहेलखंड विश्वविद्यालय में रुकी हुई शिक्षक भर्ती प्रक्रिया 20 अप्रैल के बाद फिर शुरू होने जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि विश्वविद्यालय को मई तक 60 शिक्षक मिल जाएंगे। इसी के साथ विश्वविद्यालय में छात्रों की संख्या के अनुपात में शिक्षकों की पूर्ति हो जाएगी।
देश के अधिकांश शिक्षण संस्थानों में छात्रों की संख्या के मुताबिक शिक्षक नहीं हैं। उच्च शिक्षण संस्थानों में दिक्कतें अधिक हैं क्योंकि इन संस्थानों में शिक्षक भर्ती के लिए अनुमति यूजीसी व प्रदेश सरकारों से लेनी पड़ती है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में भी लंबे समय से शिक्षकों की भर्तियां नहीं हो पा रही थी। इस कारण शिक्षण का भार दूसरे शिक्षकों पर पड़ रहा था। शिक्षा गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही थी। यही नहीं शोध का ग्राफ भी आगे नहीं बढ़ पा रहा था।
प्रदेश से लेकर अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग पर भी शिक्षकों की कमी असर डाल रही थी। अब की नैक रैंकिंग की तैयारियां चल रही हैं। उसमें भी छात्रों की संख्या के मुताबिक शिक्षकों की जरूरत है। अन्यथा इस बिंदु पर विश्वविद्यालय को कम अंक मिलेंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय में लगभग नौ माह से शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पर काम चल रहा है। विश्वविद्यालय के नए अधिकारियों की टीम इस पर काम कर रही है। इसी टीम ने हाल ही में विश्वविद्यालय ने लगभग 60 शिक्षकों की तैनाती का निर्णय लिया था लेकिन विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही थी। अभी आचार संहिता एमएलसी चुनाव की भी चल रही है। ऐसे में विश्वविद्यालय 20 अप्रैल के बाद इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा।
विवि को मिल सकता है दोहरा लाभ
विश्वविद्यालय में शिक्षकों की संख्या पूरी हो जाएगी तो नैक रैंकिंग में उसे सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही शिक्षण कार्य और बेहतर होगा। इससे विश्वविद्यालय को दोहरा लाभ मिलेगा। बताते हैं कि जून व जुलाई माह में नैक रैंकिंग के लिए टीम कैंपस आ सकती है। उसी तेजी से तैयारियों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
कर्मचारियों की कमी भी दूर हो
शिक्षकों की तरह ही कर्मचारियों की संख्या भी विश्वविद्यालय में कम है। इनकी भर्ती करने के लिए कर्मचारी संगठनों ने पहले आवाज उठाई थी। अभी भी प्रयास चल रहे हैं ताकि कर्मचारियों के रिक्त पद भरे जा सकें। इससे कर्मचारियों पर पड़ रहा अतिरिक्त भार कम हो सके।
चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद शिक्षक भर्ती प्रक्रिया फिर से तेजी के साथ आगे बढ़ेगी। उम्मीद है कि 20 अप्रैल के बाद इस पर काम और तेज होगा। जल्द ही विश्वविद्यालय में शिक्षकों की कमी दूर होगी। इसी के साथ विश्वविद्यालय में शिक्षण कार्य और बेहतर होगा। - डॉ. राजीव कुमार, रजिस्ट्रार, रुहेलखंड विश्वविद्यालय