बरेली। समाजवादी छात्र सभा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बीच चल रही तनातनी मारपीट और कातिलाना हमले तक पहुंच गई है। बृहस्पतिवार शाम सछास जिलाध्यक्ष अविनाश मिश्रा ने पांच अन्य साथियों के साथ विकास भवन के पास विद्यार्थी परिषद के विभाग सह संयोजक श्रेयांश वाजपेयी को घेर लिया।
आरोप है कि उनको लाठी-डंडों से पीटा और जान से मारने की नीयत से तमंचा निकाल लिया। बारादरी पुलिस ने सछास जिलाध्यक्ष को नामजद करते हुए पांच अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। सछास जिलाध्यक्ष और विद्यार्थी परिषद के विभाग सह संयोजक के बीच चार दिन पहले बरेली कॉलेज में एमए की परीक्षा के दौरान भी तकरार हुई थी। सछास नेता पर नकल करने का आरोप लगाया गया था। उस समय मामला रफा-रफा हो गया था।
कुछ दिन पहले विद्यार्थी परिषद के प्रांतीय सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इसके बाद शहर में शोभायात्रा निकाली गई थी। इसके बाद सछास ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। बरेली कॉलेज मैदान पर पड़े भगवा ध्वज व भारत माता की तस्वीरों को दिखाते हुए सत्तारूढ़ दल पर कटाक्ष किया था। तभी से दोनों पक्षों में तनातनी चल रही थी। श्रेयांश वाजपेयी का कहना है कि बृहस्पतिवार को वह स्कूटी से जा रहे थे। विकास भवन के पास अविनाश मिश्रा ने पांच अन्य साथियों के साथ घेरकर उन पर जानलेवा हमला कर दिया। पीटने के बाद उनको जान से मारने की नीयत से तमंचा निकाल लिया तो वह जान बचाकर भागे।
इधर, अविनाश मिश्रा का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट के बाद से श्रेयांश उनसे खिसिया गया था। वह महाकुंभ जा रहे हैं। मौके की सीसी फुटेज दिखवाई जा सकती हैं। आरोप गलत हैं। सत्तापक्ष के दबाव के उनके खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज की गई है। संवाद