शाहजहांपुर में है बालाजी फार्मर्स एंड राइस प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड
बरेली। वित्तीय गड़बड़ियों की वजह से शाहजहांपुर की बालाजी फार्मर्स एंड राइस प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड का नैनीताल बैंक की सिविल लाइंस शाखा से लिए गए 48 करोड़ रुपये का ऋण खाता एनपीए हो गया। बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक शरद कुमार ने सनसिटी निवासी कंपनी के निदेशक रचिन गुप्ता, सुनील गुप्ता, इन दोनों की पत्नी पूर्णिमा व सीमा और सीए प्रतीक कुमार के खिलाफ कोतवाली में अमानत में खयानत के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
वरिष्ठ प्रबंधक शरद कुमार की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी के निदेशक रचिन गुप्ता और सुनील गुप्ता ने बैंक से 40 करोड़ रुपये के कैश क्रेडिट ऋण और आठ करोड़ रुपये के सावधि ऋण के लिए आवेदन किया था। इसकी एवज में कंपनी ने धान, चावल, भूसी, तैयार माल, पांच भूखंड और उन पर बनी इमारत बैंक में बंधक रखी थी। रचिन की पत्नी पूर्णिमा और सुनील की पत्नी सीमा गारंटी ली। ऋण स्वीकृत किए जाने के कुछ समय बाद ही बैंक को पता लगा कि कंपनी ने जीएसटी के अधिकारियों के छापे में कंपनी के निदेशकों का बड़ा गोलमाल पकड़ा गया है। इसके बाद कंपनी के निदेशकों को जेल में भी रहना पड़ा। जीएसटी में गड़बड़ी के बाद से बैंक ने ऋण खाते के लेनदेन में अस्थिरता आई और फिर 31 दिसंबर 2020 को यह खाता एनपीए हो गया।
ऋण खाता एनपीए होने के बाद बैंक ने दिल्ली की एक फर्म के जरिये इस कंपनी का फॉरेंसिक ऑडिट कराया। 31 जनवरी 2021 को फोरेंसिक ऑडिट की रिपोर्ट मिली, जिसमें सामने आया कि कंपनी ने अपने सीए के साथ मिलकर वित्तीय अनियमितताएं की हैं।
55 करोड़ की वसूली का केस डीआरटी में भी
बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक की ओर से लिखाई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी में की गई गड़बड़ी को देखते हुए 55.07 करोड़ रुपये की वसूली के लिए डीआरटी (डेब्ट रिकवरी ट्रिब्यूनल) लखनऊ में केस भी दायर किया गया। यह मामला अभी लंबित है लेकिन इसी बीच कंपनी ने बैंक में बंधक दो संपत्तियां बेच दी हैं। इसी कारण ऋण की वसूली के लिए आरोपियों पर केस दर्ज कराया जा रहा है।