भोजीपुरा। एक गांव के कोचिंग संचालक की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने नौ माह बाद कोर्ट के आदेश पर मां-बेटी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। भोजीपुरा के एक गांव निवासी कोचिंग संचालक ने पिछले साल 26 जुलाई को कोचिंग रूम में ही फंदा लगाकर जान दे दी थी। मृतक के पिता का आरोप है कि परिचित महिला सुषमा अपने पति से अलग मायके में रह रही थी।
सुषमा ने कोचिंग संचालक को अपने प्रेमजाल में फंसा लिया। इसके बाद वह उसके पुत्र को ब्लैकमेल करने लगी और काफी रुपये भी ऐंठ लिए।
आरोप है कि सुषमा ने शादी का फर्जी प्रमाण पत्र दिखाकर ज्यादा धन हड़पने के चक्कर में कोर्ट में मामला दर्ज करा दिया था।26 जुलाई को सुषमा ने अपनी मां सुशीला के कहने पर मोबाइल फोन पर काफी देर बातचीत की। सुषमा उसके पुत्र कोचिंग संचालक को धमकाया। इसी से आहत होकर उसने कोचिंग सेंटर में ही फंदा लगाकर जान दे दी थी।
मृतक के पिता ने भोजीपुरा थाने में तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। मृतक ने पिता ने थाने में दर्ज रिपोर्ट में कहा है कि उसने विवाह प्रमाणपत्र के बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि विवाह प्रमाणपत्र फर्जी है।
रजिस्ट्रार कार्यालय में विवाह का पंजीकरण नहीं है। सभी तरफ से निराश होने पर पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भोजीपुरा पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए। संवाद