बरेली। बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए कराए जा रहे काम समय सीमा बीतने के बावजूद पूरे नहीं हो सके। मार्च के पहले सप्ताह तक काम पूरे करने थे, लेकिन अब भी मरम्मत के नाम पर शहर में बिजली कटौती का सिलसिला जारी है। इधर, तापमान में इजाफा होने से बिजली की मांग भी बढ़ने लगी है। होली के बाद तीन दिनों में शहर में बिजली की खपत पांच लाख यूनिट तक बढ़ गई है।
पिछले वर्ष गर्मियों में शहरवासियों को अंधाधुंध बिजली कटौती कटौती झेलनी पड़ी थी। इसमें सुधार के लिए शहर के चारों वितरण खंडों में सौ-सौ करोड़ रुपये की लागत से पुरानी लाइनों की मरम्मत के साथ ही नई लाइनें बिछाई जानीं थीं। ये काम मार्च के पहले सप्ताह तक पूरे होने थे, लेकिन अब तक अधूरे हैं। फरवरी में शहर में रोजाना 50 लाख यूनिट बिजली खर्च हो रही थी। मार्च में यह 25 लाख यूनिट तक पहुंच गई है। अधिशासी अभियंता (बिलिंग व राजस्व) सतेंद्र चौहान ने बताया कि मार्च के अंत तक बिजली की खपत 30 लाख यूनिट तक पहुंचने का अनुमान है।
अधिशासी अभियंता (11 केवी और एलटी लाइन) सुरेंद्र गौतम ने बताया कि शहर में ज्यादातर काम पूरे हो चुके हैं। 35 नए ट्रांसफार्मरों के लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है। इस बार गर्मियों में लोकल फाल्ट नहीं होंगे। इसके लिए सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। संवाद