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शान से लहराया परचम-ए-रजवी तो या रजा.. या रजा से गूंज उठी सदाएं

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बरेली। झालरों और कुमकुम की रोशनी से जगमगाता इस्लामियां इंटर कॉलेज का मैदान। मुख्य द्वार पर जमा उलमा और देश-विदेश के जायरीन की भीड़। मजहबी नारों से गूंजती फिजा। इस बीच जब उर्स-ए-रजवी का परचमी जुलूस पहुंचा तो फूलों की बारिश होने लगी। जुलूस की कदायत कर रहे आला हजरत दरगाह के प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां (सुब्हानी मियां) ने परचम कुशाई की रस्म अदा की तो सदाएं या रजा.. या रजा के नारों से गूंज उठी और इसी के साथ आला हजरत इमाम अहमद रजा खां फाजिले बरेलवी के तीन रोजा उर्स आगाज का एलान हो गया।
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परचम कुशाई की रस्म से पहले शहर में जुलूस निकला तो हर तरफ से इस्तकबाल को तमाम हिंदू और मुस्लिम अकीदत मंद उमड़ पड़े। पहला जुलूस ठिरिया निजावत खां से अंजुमन इसासुल मुस्लेमीन की ओर से नुसरत खान, वसीम खान, नदीम खान, इरफान अली और तुफैल खान के नेतृत्व और दूसरा परचमी जुलूस अल्लाह बक्श के आजमनगर निवास से सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी (अहसन मियां) की कयादत में दरगाह पहुंचा। यहां से दरगाह प्रमुख सुब्हानी मियां की कयादत में उर्स स्थल इस्लामिया कालेज मैदान पर पहुंचा। रात में आल इंडिया नातिया मुशायरा आयोजित किया गया। जो देर रात तक जारी रहा। वहीं जायरीन की आमद भी तेजी से बढ़ने लगी है। अब तक हजारों की संख्या में जायरीन पहुंच चुके हैं।
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