मस्जिद के इमाम का एलान, संगीत वाली नात बजाना हराम
बरेली। जुलूस-ए- मोहम्मदी में डीजे कतई न लाया जाए। डीजे पर संगीत वाली नात बजाना हराम है। इससे लोगों को बचना चाहिए।
यह एलान शुक्रवार को कोतवाली स्थित मोती मस्जिद में जुमे की नमाज से पहले हाफिज चांद खान ने जुलूस-ए-मोहम्मदी की अहमियत पर तकरीर करते हुए किया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि जुलूस में एहतराम के साथ शामिल होना चाहिए। यह जुलूस कोई आम जुलूस नहीं है। यह जुलूस-ए-मोहम्मदी है, जो दोनों जहां के आका की यौमे पैदाइश की खुशी में निकाला जाता है। इसलिए हमें वह काम करना चाहिए, जिससे अदबो एहतराम कायम रहे। इसके अलावा उन्होंने फिजूल खर्ची से बचने और नमाज की पाबंदी पर भी जोर दिया।
उधर, बरेली हज सेवा समिति के संस्थापक पम्मी खान वारसी ने बताया इस बार 9 एवं 10 नवंबर को पुराना शहर व शहर में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला जाएगा। उन्होंने जुलूसों में डीजे न लाने की अपील करते हुए कहा, डीजे पर खर्च होने वाला पैसा गरीबों की मदद के लिए खर्च करें, ताकि किसी का भला भी हो जाए और सवाब भी मिलगा।