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‘मैनु राम जी दे चरणा दा, दिन रात सहारा है’

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बरेली। माधोबाड़ी स्थित रामायण मंदिर में चल रहे तुलसी जयंती महोत्सव के क्रम में शुक्रवार को पठानकोट से आए कथाव्यास रवि नंदन शास्त्री ने रामचरितमानस की महिमा का बखान किया। कहा, रामचरित मानस सभी शास्त्र, वेद, उपनिषद का सार है। रामचरित मानस का मनन करने के बाद अन्य वेद या शास्त्र पढ़ने की जरूरत नहीं होती। गोस्वामी ने रामचरितमानस की रचना कर मानव जाति को कृतार्थ किया है।
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उन्होंने श्रद्धालुओं को अभिमान से बचने का सुझाव दिया। कहा, जो पहलेे ही अभिमान, ईर्ष्या से भरा हुआ होगा उसमें परमात्मा के लिए प्रेम कहां से आएगा। ‘जिस दिल में अभिमान भरा, भगवान कहां से आएं’, ‘होठों पे दुआ रखना, राहों पे नजर रखना, शायद वे आ जाएं, दरवाजा खुला रखना’, ‘मैनु राम जी दे चरणा दा, दिन रात सहारा है’ भजन सुनाया। जानकारी भजन गायक जगदीश भाटिया ने दी।
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