भाजपा हाईकमान ने मंगलवार को आखिर धौरहरा लोकसभा क्षेत्र से मौजूदा सांसद रेखा अरुण वर्मा को फिर से प्रत्याशी घोषित कर ही दिया। टिकट फाइनल होने से उनके समर्थकों में खुशी की लहर है।
बता दें कि धौरहरा संसदीय क्षेत्र से टिकट को लेकर सात लोगों ने दावेदारी ठोकी थी, लेकिन कोई भी दावेदार केंद्रीय नेतृत्व की कसौटी पर खरा नहीं उतर सका। मजबूरन रेखा अरुण वर्मा पर ही भाजपा को एक बार फिर दांव लगाना पड़ा।
पसगवां ब्लॉक के गांव मकसूदपुर निवासी भाजपा सांसद रेखा अरुण वर्मा एक बार फिर भाजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। 2014 में चली मोदी लहर में रेखा वर्मा 360357 वोट पाकर विजयी रही थीं, लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए शुरुआत से इनका टिकट काटे जाने की चर्चाएं तेज हो गईं।
इन चर्चाओं को तब बल मिलाजब भाजपा प्रत्याशियों की कई सूची जारी होने के बाद भी इनकी उम्मीदवारी की घोषणा नहीं हुई। रेखा वर्मा पिछले कई दिनों से दिल्ली में डेरा डाले थीं। टिकट फाइनल होने के बाद ही वह लौटीं।
उधर दिग्गज कांग्रेसी नेता पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद के भाजपा में शामिल होने और धौरहरा से उन्हें भाजपा का टिकट मिलने की संभावनाओं की खबरें सोशल मीडिया पर वायरल होने लगीं।
इसके चलते रेखा वर्मा का टिकट कटने की चर्चाएं भी आम हो गई थीं, लेकिन मंगलवार को हाईकमान की ओर से घोषित प्रत्याशियों की सूची में रेखा अरुण वर्मा का नाम घोषित होने से सारी अटकलों और चर्चाओं पर विराम लग गया है।
पिछड़ी जाति का बाहुल्य और मजबूत दावेदारी न होने का मिला लाभ 22 मार्च को खीरी लोकसभा क्षेत्र से मौजूदा सांसद अजय मिश्रा टेनी की उम्मीदवारी घोषित कर दी थी, लेकिन धौरहरा से किसी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की गई। इससे मौजूदा सांसद रेखा अरुण वर्मा का टिकट कटने की अटकलों को बल मिल गया।
साथ ही पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के भाजपा में शामिल होने और धौरहरा से टिकट मिलने के कयास लगाए जाने लगे थे। हालांकि यह माना जा रहा था कि एक सीट से सामान्य वर्ग के प्रत्याशी को फिर मौका दिए जाने के बाद दूसरी सीट पर भी सामान्य वर्ग के नेता को नहीं उतारा जाएगा। वहीं धौरहरा लोकसभा क्षेत्र में पिछड़ी जाति के मतदाताओं की संख्या अधिक होने का भी लाभ सांसद रेखा वर्मा को मिला, क्योंकि इस जाति से रेखा वर्मा के सामने कोई भी प्रभावशाली नेता दावेदार नहीं था।
कानपुर के दिग्गज ने की रेखा की पैरवी
सांसद रेखा वर्मा का मायका कानपुर के गांव में है। सांसद के गांव के पास के ही देश के दिग्गज नेता भी रहने वाले हैं। पार्टी सूत्रों की मानें तो सांसद रेखा वर्मा के टिकट को लेकर चर्चाएं शुरू हुईं तो उन्हीं दिग्गज नेता ने उनकी पैरवी की।
सांसद बोलीं, कभी संशय नहीं हुआ
टिकट की घोषणा होने के बाद सांसद रेखा वर्मा ने कहा कि उन्हें अपने टिकट को लेकर कभी संशय नहीं हुआ। उन्हें अपनी मेहनत और जनता के समर्थन के आधार पर पूर्ण भरोसा था कि पार्टी नेतृत्व उन्हें एक मौका जरूर देगा। यही आस उनकी आज पूरी हुई है। वह खुद को जनता का सदैव ऋणी मानती हैं।
धौरहरा संसदीय क्षेत्र
शामिल विधानसभा क्षेत्र.......
धौरहरा, कस्ता, मोहम्मदी, हरगांव और महोली
धौरहरा के लिए जिले के कुल मतदाता.....1634217
महिला मतदाता....................................754916
पुरुष मतदाता...................................... 879396
किन्नर मतदाता......................................105