अगर सैंपल संदिग्ध हैं तो वितरण बंद कराएं
कोटेदारों का तर्क था कि नियमानुसार वितरित किया जा रहा राशन अगर घटिया प्रतीत हो रहा है और जांच के लिए नमूना भरा जा रहा है तो रिपोर्ट आने तक वितरण बंद कराना चाहिए। गोदाम से उठान के दौरान ही खाद्यान्न की जांच होनी चाहिए। कोटेदारों पर मुकदमा दर्ज कराना गलत है।
नहीं मिल रहा कमीशन, सर्वर की अड़चन
कोटेदारों ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन में कहा है कि तीन माह पूर्व जबरन अधिकारियों ने नई मशीन दी। इसमें सर्वर की अड़चन आती है। तौल के लिए कर्मचारी बुलाए जाते हैं। अगर मशीन न चले तो भी दैनिक वेतन देना पड़ता है। वहीं, मई और जून का कमीशन भी नहीं मिला। समस्या के समाधान की मांग की है।
यहां संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष अंशुल अग्रवाल, प्रीतमलाल, राजवीर सिंह, जयकुमार, ज्योति, गौरव, अशफाक सहित अन्य कोटेदार और भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष विकास अग्रवाल, महानगर अध्यक्ष अनिल अग्रवाल, अनुज गुप्ता मौजूद रहे।