'देश संविधान चलेगा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से नहीं'
मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी ने कहा कि जब भी महिलाओं के हक-हुकूक की बात आती है, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड आड़े आ जाता है। इन लोगों को यह समझना चाहिए कि देश संविधान से चलता है, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की राय से नहीं।
'गुजारा भत्ता देने का आदेश बिल्कुल सही'
सबका हक संगठन की अध्यक्ष राफिया शबनम ने कहा कि तलाक पीड़िताओं को गुजारा भत्ता देने का आदेश पूरी तरह से सही है। अगर शरीयत के अनुसार भी तलाक दिया जाता है तो महिला को गुजारा भत्ता देना चाहिए। बोर्ड को यह बताना चाहिए कि बगैर गुजारा भत्ते के मुस्लिम महिलाएं अपना जीवन यापन कैसे करेंगी।
'बोर्ड बताए महिलाओं के लिए उसने क्या किया'
सामाजिक कार्यकर्ता कैसर फात्मा ने कहा कि बोर्ड सुप्रीम कोर्ट के आदेश का विरोध करने से पहले यह बताए कि उसने अब तक मुस्लिम महिलाओं के हक के लिए क्या-क्या काम किए हैं। जब भी मुस्लिम महिलाओं के हक की बात होती है, तब ये लोग ही क्यों खड़े हो जाते हैं।