डिजिटल प्रणाली से नहीं कर पाएंगे खेल
दूसरी ओर, राशन वितरण के लिए लागू हुई डिजिटल प्रणाली से खेल न कर पाने की वजह से भी लाइसेंस सरेंडर करने की चर्चा है। क्योंकि, इलेक्ट्रॉनिक वेइंग मशीन और ई-पॉस मशीन आपस में कनेक्ट हैं। इसके जरिये निर्धारित मात्रा में ही राशन वितरण होगा। खेल की संभावना बिल्कुल नहीं है।
गोदाम से कम मिलता है राशन, कमीशन भी कम
उप्र सस्ता गल्ला विक्रेता परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष अंशुल अग्रवाल के मुताबिक अक्सर गोदामों से कम मात्रा में खाद्यान्न मिलता है। नए तरीके के इलेक्ट्रॉनिक कांटे का प्रयोग करते हुए राशन वितरण करना कई उम्रदराज कोटेदारों के लिए आसान नहीं। अक्सर नेटवर्क की समस्या होती है। 50 क्विंटल राशन वितरण पर करीब 45 सौ रुपये कमीशन मिलता है, जो काफी कम है।
जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह ने बताया कि जहां के लाइसेंस सरेंडर हो रहे हैं, वहां नए आवंटन के लिए आवेदन मांगे जा रहे हैं। कुछ रिक्त दुकानें आवंटित भी हो चुकी हैं। ज्यादातर कोटेदार खुद को अस्वस्थ बताकर लाइसेंस सरेंडर कर रहे हैं।