50 फुट चौड़ी सड़कें, साइंस पार्क और तालाब भी बनवाएगा बीडीए
बरेली। बरेली विकास प्राधिकरण रामगंगानगर आवासीय योजना में गंगा, कावेरी और नर्मदा के नाम से तीन आधुनिक टाउनशिप बसाने की तैयारी कर रहा है। पांच सौ से अधिक प्लॉटों का पंजीकरण भी हो चुका है। इससे बीडीए को सौ करोड़ से ज्यादा की आय हुई है। इस धनराशि को ही टाउनशिप विकसित करने पर खर्च किया जाएगा। तीनों कॉलोनियों का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया गया है।
बीडीए वीसी जोगिंदर सिंह ने बताया कि रामगंगानगर आवासीय योजना में तीन कॉलोनियां बसाई जा रही हैं। ये बरेली की अब तक सबसे आधुनिक कॉलोनियां होंगी। इन्हें गंगा, कावेरी और नर्मदा नाम दिया गया है। इनका ब्लू प्रिंट भी तैयार कर लिया गया है। तीनों टाउनशिप का मानचित्र नोएडा से तैयार कराया गया है। मानचित्र में सभी प्लॉटों का वर्गीकरण कर दिया गया है। कॉलोनियों में सड़कें 50 फुट तक चौड़ी सड़कें होंगी। गंगा टॉउनशिप के सामने कॉमर्शियल प्लॉट छोड़ा गया है। यहां मॉल विकसित किया जाएगा। इसी के सामने 36 हजार वर्ग मीटर में पार्क और तालाब विकसित किया जाएगा। यहां तीन महीने में पांच सौ से अधिक प्लॉटों का पंजीकरण हो चुका है। इससे बीडीए को सौ करोड़ की आय हुई है। तीनों कॉलोनी में 190, 135 और 99 वर्गमीटर के प्लॉट बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।
15 अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई कर वसूले 10 करोड़
बरेली। विकास प्राधिकरण ने दो माह में 15 से अधिक अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई की है। इसके अलावा कई मैरिज लॉन और भवन सील किए हैं। इस अभियान के दौरान बीडीए ने 10 करोड़ से ज्यादा रकम की वसूली की है। बीडीए वीसी जोगिंदर सिंह ने बताया कि अभी तक 15 से अधिक अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। दस से अधिक कॉलोनियां अभी और निशाने पर हैं। इन पर भी कार्रवाई की जानी है। इसके अलावा छह अवैध बरातघरों को सील किया जा चुका है। प्राधिकरण की अर्जित भूमि से लगभग 70 अवैध निर्माण ढहाए गए हैं। रामगंगानगर आवासीय योजना की लगभग 10 करोड़ से अधिक कीमत की भूमि को भी कब्जा मुक्त कराया गया है।
रामगंगानगर में शिफ्ट होगा बीडीए कार्यालय
बरेली। रामगंगानगर आवासीय योजना में बनने वाली आधुनिक टाउनशिप नर्मदा के सामने ही बरेली विकास प्राधिकरण का कार्यालय बनाया जाएगा। बीडीए वीसी जोगिंदर सिंह ने बताया कि अभी विकास प्राधिकरण का कार्यालय प्रियदर्शनी नगर में है। इसे रामगंगानगर की नर्मदा टाउनशिप में शिफ्ट किया जाएगा। वहां 18 हजार 784 वर्गमीटर में कार्यालय का अत्याधुनिक भवन बनाया जाएगा। कार्यालय कर्मियों के लिए पार्क, पार्किंग समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। इसका मानचित्र तैयार करा लिया गया है।
कब्जेदार बोले- अधिग्रहण के बाद बीडीए ने ही बेची जमीन
बरेली। रामगंगानगर आवासीय योजना की भूमि पर काबिज लोग इस जमीन को बीडीए से खरीदने की बात कह रहे हैं। उनका कहना है कि अधिग्रहण के बाद बीडीए के तत्कालीन अधिकारियों ने उन्हें जमीन बेची थी। इसकी लिखा-पढ़ी भी सौ रुपये के स्टांप पर कर दी थी। अब कब्जा हटाने के लिए बीडीए से नोटिस मिलने के बाद यह कब्जेदार बीडीए दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं। हालांकि बीडीए वीसी जोगिंदर सिसंह उनके दावे को निराधार बता रहे हैं।
बीडीए ने रामगंगानगर आवासीय योजना के लिए वर्ष 2004 में जमीन का अधिग्रहण किया था। किसानों को जमीन का मुआवजा देने के बाद भी बीडीए ने इस पर कब्जा नहीं लिया। बाद में यहां अवैध कब्जा करके छह सौ से अधिक मकान बना लिए गए। अब कब्जा हटाने के लिए बीडीए ने इन सभी भवन मालिकों को नोटिस जारी किए है। इसके बाद से कब्जेदार बीडीए दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। वे सौ रुपये का स्टांप पेपर भी दिखा रहे हैं, जिसमें जमीन उन्हें बेचे जाने का मजमून दर्ज है। उनका कहना है कि उन्होंने जमीन बीडीए से खरीदी है। बीडीए वीसी जोगिंदर सिंह का कहना है कि सौ रुपये के स्टांप पर जमीन की कोई रजिस्ट्री नहीं होती है। स्टांप पेपर के अलावा कब्जेदारों के पास और कोई दस्तावेज नहीं है। इन लोगों ने प्राधिकरण की जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा किया है। इसे हटाने के लिए नोटिस दिए गए हैं। खाली न करने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।