बरेली के धोपेश्वरनाथ (धोपा) मंदिर में सोमवार को बाबा रामचंद्र गिरि का उनकी कुटिया में शव मिलने से सनसनी फैल गई। बाबा के सिर से खून निकल रहा था। हाथ और पीठ में भी चोट थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सिर में लगी चोट को मौत का कारण बताया गया लेकिन पुलिस ने इसे हादसा माना और लोगों के हत्या की आशंका जताने के बावजूद रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
धोपेश्वरनाथ मंदिर में 55 वर्षीय बाबा रामचंद्र गिरि की शिवालय के पास ही कुटिया थी। काफी समय से वह यहां रह रहे थे। सोमवार सुबह लोग मंदिर पहुंचे तो बाबा का शव कुटिया में पड़ा देखा। उनके सिर से खून निकल रहा था। एंबुलेंस बुलाकर उन्हें फौरन जिला अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में लगी चोट को मौत की वजह बताया गया है। रिपोर्ट में उनके हाथ और पीठ पर भी ताजा चोट होने का जिक्र है लेकिन पुलिस ने हादसे में बाबा की मौत होना मानते हुए रिपोर्ट दर्ज नहीं की। हालांकि मौके पर कई लोग हत्या की आशंका जताते रहे।
मंदिर के पुजारी घनश्याम जोशी ने बताया कि बाबा एक साल से मंदिर प्रांगण में साधुओं के लिए बनी कुटिया में रह रहे थे। किसी से कोई रंजिश या विवाद जैसी बात नहीं थी। इंस्पेक्टर कैंट राजीव वर्मा ने बताया कि बाबा गांजा पीते थे। हो सकता है कि नशे में गिरने से ही उनके सिर में चोट लगी हो। पुलिस जांच कर रही है। बाबा रामचंद्र गिरि के परिवार का पता भी नहीं लग पाया। पुलिस दो दिन शव को सुरक्षित रखेगी।