बरेली। बालामऊ-हरदोई के बीच और जम्मूतवी में चल रहे मेगा ब्लॉक के कारण रेलवे ने फरवरी में 46 और मार्च में 11 ट्रेनों को निरस्त कर दिया है। निरस्त की गई ट्रेनों में मेरठ-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस भी शामिल है। ट्रेनों के निरस्तीकरण के कारण रेलवे को इन दिनों रोजाना औसतन 13 लाख रुपये किराया रिफंड करना पड़ रहा है।
यात्री अपनी सहूलियत के अनुसार पहले ही टिकट बुक करा लेते हैं। मेगा ब्लॉक के कारण सात फरवरी से ट्रेनों का निरस्तीकरण शुरू हुआ है। गौर करने की बात यह है कि वंदे भारत समेत अन्य ट्रेनों में छह फरवरी तक आगे की तिथियों में टिकट बुकिंग होती रही। फरवरी और मार्च में जिन 57 ट्रेनों को निरस्त किया गया है, वे निरस्तीकरण की तारीखों में भी फुल थीं। कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहे थे। अब ट्रेनों को रद्द किए जाने के बाद रेलवे ने रिफंड शुरू किया है।
इधर, इतनी ट्रेनों को निरस्त किए जाने के कारण अन्य ट्रेनों पर यात्रियों का दबाव बढ़ गया है। शनिवार को सप्ताह के अंतिम दिन अप-डाउन ट्रेनों में काफी भीड़ रही। सामान्य कोचों में यात्रियों के बीच सीट को लेकर मारामारी की स्थिति रही।
बरेली से फुल होकर चली लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, 648 टिकट बुक
बरेली। सप्ताह में एक-एक दिन चलने वाली 14314-13 बरेली-लोकामन्य तिलक एक्सप्रेस शनिवार को बरेली से ही फुल होकर चली। इस ट्रेन में बरेली से 648 टिकट बुक कराए गए थे। इसके अलावा अलीगढ़ से 226 और आगरा से 30 यात्रियों ने टिकट बुक कराए थे। लंबे समय से लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस का संचालन सप्ताह में दो दिन करने की मांग की जा रही है, लेकिन इस पर रेलवे बोर्ड की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसे में इस ट्रेन पर यात्रियों का दबाव रहता है। संवाद