इज्जतनगर पुलिस से शिकायत करता अनिल।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
पीड़ित ने की पुलिस से शिकायत, इज्जतनगर रेल मंडल के इंजीनियरिंग अनुभाग में कार्यरत है कर्मचारी
बरेली। इज्जतनगर रेल मंडल के इंजीनियरिंग अनुभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने ग्रुप डी में नौकरी लगवाने के नाम पर अनिल कुमार से साढ़े पांच लाख रुपये ठग लिए। नौकरी न लगने पर उसने डेढ़ लाख रुपये वापस कर दिए। बाकी रुपये देने में आनाकानी करने पर अनिल ने थाना इज्जतनगर में पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने आरोपी को भी थाने बुलाकर पूछताछ की है।
मीरगंज के अनिल कुमार रोड नंबर दो पर रहते हैं। उन्होंने बताया कि 2019 में इज्जनगर रेल मंडल में ग्रुप डी में वेकेंसी निकलने पर उसने फार्म भरा। फार्म भरने के बाद उसकी मुलाकात बहेड़ी में अपने मामा विजयपाल के घर एक रेल कर्मचारी से हुई। उसने स्वयं को मंडल के इंजीनियरिंग अनुभाग में कार्यरत बताते हुए कहा कि रुपये खर्च होंगे, वह उसकी नौकरी लगवा देगा। अनिल उनके झांसे में आ गया और तीन बार में करीब साढ़े पांच लाख रुपये दे दिए। अनिल के मुताबिक, एक बार रेल कर्मचारी अपने साथ गोरखपुर भी ले गया। जहां उसने एक व्यक्ति को अधिकारी बताते हुए परिचय कराया। वह बोला कि तुम्हें यहीं काम करना होगा, जगह होते ही वह नौकरी पर रख लेगा। दो दिन बाद रेल कर्मचारी उसे लेकर वापस आ गया। जब नौकरी नहीं लगी तो अनिल ने रुपये वापस मांगे। जिस पर आरोपी ने डेढ़ लाख वापस कर दिए मगर बाकी रकम देने में आनाकानी कर रहा है। बुधवार को अनिल अपने पिता राम भरोसे के साथ इज्जतनगर थाने पहुंचकर शिकायत की। वहीं रेल कर्मचारी का कहना है कि उसने 2013 में उसे एक लाख रुपये उधार लिए थे। जिसके लिए वह करीब सवा लाख रुपये वापस भी कर चुका है। इज्जतनगर रेल मंडल डीआरएम के आशुतोष पंत का कहना है कि अभी इस संबंध में किसी भी व्यक्ति ने शिकायत नहीं की है, शिकायत आने पर जांच की जाएगी।
खेत खलिहान बेचकर दिए थे रुपये
अनिल ने बताया कि उसने अपनी जमीन बेचकर और कर्ज लेकर ये रकम जुटाई थी। उसने डीआरएम आफिस की रेलवे कैंटीन, लोको शेड में उसे तीन बार में साढ़े पांच लाख रुपये दिए थे। अब वह दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है।