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Flood: लखीमपुर में मैलानी-पलिया रेलखंड पर बाढ़ के पानी से रेल ट्रैक क्षतिग्रस्त, ट्रेनें निरस्त

Tue, 09 Jul 2024 04:38 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

लखीमपुर खीरी में बारिश और बनबसा बैराज से छोड़ा गया पानी रेलवे ट्रैक पर भी कहर बरपा रहा है। सोमवार की रात मैलानी-पलिया रेलखंड पर भीरा-अतरिया के करीब रेल ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया। 
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बाढ़ के पानी से क्षतिग्रस्त हुआ रेल ट्रैक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लखीमपुर खीरी जिले में बाढ़ से स्थिति विकराल हो गई है। मैलानी-पलिया रेलखंड पर भीरा-अतरिया के करीब रेलवे लाइन शारदा नदी की बाढ़ में बह गई। करीब 50 मीटर रेलवे लाइन पानी में बह गई है। इसके कारण इस रूट की दो जोड़ी ट्रेनों को 11 जुलाई तक निरस्त कर दिया गया है। अतरिया के पास रेल लाइन के नीचे शारदा का पानी सोमवार की शाम बहने लगा था। रात में बाढ़ के पानी में रेलवे लाइन बह गई। आसपास के इलाके में पानी ही पानी दिखाई दे रहा है।

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इन ट्रेनों को किया गया निरस्त 
एनई रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्ता की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, मैलानी-नानपारा खंड पर संचालित सभी चारों गाड़ियों- 05361 नानपारा-मैलानी, 05356 मैलानी-नानपारा, 05362 मैलानी-नानपारा, 05355 नानपारा-मैलानी पैसेंजर को 11 जुलाई तक निरस्त कर दिया गया है। ट्रेनें बंद होने से इस रूट के यात्रियों को आवागमन में परेशानी होगी।

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पुलिया बहने से हवा से लटक गई थी रेल पटरी 
बारिश और बनबसा बैराज से छोड़ा गया पानी रेलवे ट्रैक पर भी कहर बरपा रहा है। सोमवार को मैलानी-पीलीभीत रेलखंड के शाहगढ़ और संदेई हॉल्ट के बीच किमी नंबर 241 बंगला गांव के पास बनी रेलवे की एक पुलिया पानी में बह गई थी। जिससे रेल पटरी हवा में लटक गई। यहां बता दें कि रेल मंत्रालय ने हाल ही में मैलानी से पीलीभीत के बीच तीन नई पैसेंजर ट्रेनें चलाने के साथ ही लखनऊ-शाहगढ़ पैसेंजर का विस्तार पीलीभीत तक करने की स्वीकृति दी थी।

रेलवे बोर्ड से चार जुलाई को निर्गत पत्र भी संबंधित अधिकारियों को जारी हुआ था। इससे पीलीभीत तक ट्रेनें जल्द चलने की उम्मीद थी। शाहगढ़ और संदेई हॉल्ट के बीच पुलिया बह जाने से उम्मीदें फिलहाल धूमिल हो गईं हैं। आरवीएनएल से जुड़े जानकारों का कहना है कि पुलिया के पास जाने का रास्ता न होने से उन लोगों ने ही बमुश्किल पुलिया बनाई थी। लिहाजा बारिश के मौसम में पुलिया बनाकर ट्रैक को फिट करना अब आसान नहीं होगा।
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