सबका हक आर्गेनाइजेशन की अध्यक्ष राफिया शबनम ने आईएमसी अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खां की ओर से किए जा रहे आंदोलन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आखिर वही अकेले क्यों, यहां दर्जनों मुस्लिम संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्ष और दरगाहों व खानकाहों के सज्जादानशीन चुप्पी साधे हुए हैं।
बरेली में सबका हक आर्गेनाइजेशन की अध्यक्ष राफिया शबनम ने कहा कि देश में गैर संवैधानिक तरीके से की जा रही मदरसों और मस्जिदों पर कार्रवाई का विरोध इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के प्रमुख अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खां ही कर रहे हैं। आखिर वही अकेले क्यों, यहां दर्जनों मुस्लिम संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्ष और दरगाहों व खानकाहों के सज्जादानशीन चुप्पी साधे हुए हैं।
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रविवार को राफिया शबनम ने आईएमसी अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खां की ओर से किए जा रहे आंदोलन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बरेली शहर में ही नहीं बल्कि देश भर में हजारों की तादाद में मुस्लिम किसी न किसी संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पदों पर बैठे हैं। तो वहीं शहर से लेकर देश भर में दरगाहों खानकाहों के सज्जादानशीन हैं, फिर भी सरकार गैर संवैधानिक तरीके से मदरसों और मस्जिदों पर तोड़फोड़ व कब्जाने की जो कार्रवाई की जा रही हैं। इसके विरोध में केवल मौलाना तौकीर रजा ही आगे आएं हैं।
राफिया शबनम ने ने कहा कि तमाम मुस्लिम संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिकतर मुस्लिमों को इस्लाम का पाठ पढ़ाते हुए नजर आते हैं, मगर जब जब मुस्लिमों के मुद्दे सामने आते हैं, तो सिर्फ आईएमसी अध्यक्ष मौलाना तौकीर ही विरोध करने सड़कों पर उतरते हैं। उस वक्त बाकी सब भीगी बिल्ली की तरह नजर आते हैं।