हर कोर्स के एक विषय को बहु विकल्पीय बनाने पर भी सहमति
बरेली। अगर सब ठीकठाक रहा तो अगले साल से रुहेलखंड विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध कॉलेजों के विद्यार्थियों को ऑनलाइन परीक्षा देनी होगी। पिछले दिनों विश्वविद्यालय के निर्देश पर हुई परीक्षा समिति की बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत भविष्य में परीक्षाओं को ऑनलाइन कराने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इसके लिए नीति निर्धारण किए जाने का प्रस्ताव रखा गया। जिस पर सहमति जताई गई। मंगलवार को इसकी रिपोर्ट कुलपति को सौंपी गई।
पिछले दिनों कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह की ओर से पाठ्यक्रम और परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए परीक्षा समिति की बैठक हुई थी। इसमें समिति पदाधिकारियों ने परीक्षा को डिजिटल कराने की संस्त़ुति की। तर्क है कि ऑनलाइन परीक्षा संपन्न होने से परीक्षा नकलविहीन रहेगी। परीक्षा के स्तर में सुधार होगा। साथ ही, दूरदराज के क्षेत्रों में रह रहे लोगोें को भी खासी राहत मिलेगी। हालांकि, ऑनलाइन परीक्षा कैसे संपन्न होगी, इसके लिए नीति निर्धारित करने की संस्तुति की है। ताकि आने वाली अड़चन जैसे नेट कनेक्टिविटी, सेंटर निर्धारण, कम्प्यूटर आदि की उपलब्धता और परीक्षा की निगरानी, प्रश्नपत्र निर्धारित किए जाने की उच्च स्तरीय तकनीकी टीम योजना बना सके। परीक्षा व्यवस्था में अन्य संशोधन किए जाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। समिति में प्रो. एसके पाडेय, प्रो. संजय गर्ग, प्रो. एसके सिंह, डॉ. संगीता सिंह शामिल रहीं। टीम ने अपनी रिपोर्ट कुलपति को अग्रिम कार्यवाही के लिए सौंप दी है। इसके अलावा प्रत्येक कोर्स के एक विषय को बहुविकल्पीय बनाए जाने पर भी सहमति जताई गई है। ये परीक्षा ओएमआर शीट पर कराी जाएगी।