स्कूल में आग बुझाने के इंतजाम थे या नहीं, यह भी पता नहीं लगा
बरेली। सेक्रेड हार्ट्स स्कूल में सोमवार देर शाम भीषण अग्निकांड की वजह जानने के लिए सीएफओ के नेतृत्व में फायर ब्रिगेड की टीम ने मंगलवार को काफी देर छानबीन की लेकिन किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई। यह भी पता नहीं लग पाया कि स्कूल में आग बुझाने के इंतजाम थे या नहीं। यह भी अंदेशा जताया जा रहा है कि किसी ने खुराफात में आग लगाई हो। फायर ब्रिगेड तीन दिन में अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।
प्रेमनगर के मैकनियर रोड पर सेक्रेड हार्ट्स स्कूल में सोमवार शाम को भीषण अग्निकांड हुआ था। स्कूल की बसों में आग लगने के बाद बिल्डिंग तक पहुंच गई थी जिससे स्कूल की बिल्डिंग में रखा कंप्यूटर-फर्नीचर आदि काफी सामान जल गया था। फायर ब्रिगेड ने आग बुझाने में डेढ़ घंटे का वक्त लगा था। आग लगने के कारणों की छानबीन करने सोमवार को सीएफओ चंद्रमोहन शर्मा अपनी टीम के साथ स्कूल पहुंचे। यहां उन्होंने स्कूल के कमरों में पड़े मलबे की जांच की। इसके बाद भी और भी पड़ताल की लेकिन फिर भी यह पता नहीं चल पाया कि आग कैसे लगी। फायर ब्रिगेड की टीम यह भी पता नहीं लगा सकी कि स्कूल में आग से निपटने के पुख्ता इंतजाम थे या नहीं।
बता दें कि सोमवार को घटना के बाद शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई गई थी लेकिन फायर ब्रिगेड को घटनास्थल पर इसका कोई प्रमाण नहीं मिल पाया। इसके बाद आशंका जताई गई कि आग लगने की घटना के पीछे किसी खुराफाती की हरकत भी हो सकती है। फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने बताया कि तीन दिन के अंदर वे अपनी रिपोर्ट तैयार कर लेंगे।
टायर फटने से स्कूल की बिल्डिंग तक पहुंची आग
सेक्रेड हार्ट्स स्कूल की प्रबंधक राधा सिंह ने बताया कि आग साढ़े आठ से पौने नौ बजे के बीच सबसे पहले बसों में लगी। उन्होंने बताया कि स्कूल में आमतौर पर तीन-चार लोग रहते हैं। सात से आठ बजे के बीच ड्यूटी बदलने का समय होता है। इत्तफाक था कि उस समय कोई चौकीदार नहीं था। इसी बीच बस में आग लग गई जिसने दो बसों को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। इसी दौरान एक बस का टायर फटा तो तेज धमाके के साथ आग एल्को पैनल तोड़ते हुए स्कूल तक पहुंच गई। एल्को पैनल ने तेजी से आग पकड़ी तो स्कूल की बिल्डिंग भी चपेट में आ गई।
यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आग कैसे लगी। दो-तीन दिन के अंदर यह पता चल जाएगा। स्कूल में आग बुझाने के इंतजाम थे या नहीं। इसके लिए प्रबंधतंत्र से कुछ कागजात भी मांगे गए हैं। - चंद्रमोहन शर्मा, सीएफओ