2019 में 2,55,627 वोटों से जीते थे वरुण
वर्ष 2019 के चुनाव में इस संसदीय सीट पर कुल 17,61,207 मतदाता थे। इन्होंने वरुण को 7,04,549 वोट देकर विजयी बनाया था। वहीं, सपा उम्मीदवार हेमराज वर्मा को 4,48,922 वोट मिले थे। इस तरह वरुण 2,55,627 वोटों से चुनाव जीत गए थे। इस चुनाव में जितिन प्रसाद ने 164935 मतों से जीत दर्ज की।
वरुण ने पार्टी लाइन से हटकर दिए थे बयान
वरुण गांधी ने कई बार सरकार की योजनाओं की आलोचना की थी। युवाओं, बेरोजगारों और गरीबों के मुद्दे पर वरुण गांधी सांसद रहते हुए हमेशा मुखर रहे थे। उनके सोशल मीडिया पर दिए जा रहे बयान पार्टी लाइन से हटकर थे। उनका टिकट कटने के पीछे यह भी प्रमुख वजह मानी जा रही है। हालांकि, भाजपा ने उनकी जगह जिस उम्मीदवार को उतारा, जनता ने उसे सिर-माथे पर बिठाया।
मां ने बेटे के लिए बनाई थी जगह
1989 में पीलीभीत से पहली बार सांसद चुनी गईं मेनका गांधी को वर्ष 1991 में हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद वर्ष 2004 तक उन्होंने लगातार जीत दर्ज की। वर्ष 2009 और इसके बाद 2019 में उन्होंने अपने बेटे को इस सीट लड़वाया और जीत दिलवाकर राजनीतिक जमीन तैयार कराई। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में मेनका गांधी को भी सुल्तानपुर से हार का मुंह देखना पड़ा।