बरेली। डीडीपुरम के पास उदयपुर खास स्थित कुष्ठ आश्रम से सटी जमीन पर कब्जा लेने पहुंची नगर निगम की टीम पर आश्रम में रहने वाली महिलाओं और पुरुषों ने हमला बोल दिया। टीम पर पथराव कर हाथापाई की। महिलाएं जेसीबी के आगे लेट गईं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए सख्ती की तो हंगामा और बढ़ गया। चार घंटे चले बवाल के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद रहा।
कुष्ठ आश्रम से सटी उदयपुर खास की 9740 वर्ग मीटर जमीन अभिलेखों में नगर निगम के ट्रेचिंग ग्राउंड के रूप में दर्ज है। इस जमीन पर नगर निगम की पार्किंग बनाने की योजना है। जमीन पर कब्जा लेने के लिए निगम की टीम ने पहले भी कई बार प्रयास किए लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। स्मार्ट सिटी में शामिल होने के बाद नगर निगम अपनी बेशकीमती जमीनों को कब्जा मुक्त कराके वहां विकास की योजनाएं तैयार कर रहा है। इसी के तहत शनिवार दोपहर एक बजे नगर निगम की टीम अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह के नेतृत्व में उदयपुर खास पहुंची। यहां जैसे ही जेसीबी जमीन से अवैध कब्जे हटाने के लिए आगे बढ़ी तो कुष्ठ आश्रम के लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। पक्की दीवार को जेसीबी से गिराया गया तो महिलाएं जेसीबी के आगे आ गईं। टीम ने उन्हें हटने के लिए कहा और जेसीबी आगे बढ़ाने का आदेश दिया तो महिलाओं ने पथराव शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने टीम के लोगों के साथ हाथापाई की। जेसीबी के चालक ने खुद को ईंट-पत्थरों से जैसे-तैसे बचाया।
कई महिलाएं जेसीबी पर चढ़ गईं
पथराव होने से माहौल गरमा गया। इसी दौरान कई कुष्ठरोगी भी वहां पहुंच गए और जेसीबी के आगे लेट गए। महिलाएं जेसीबी पर चढ़ गईं। पथराव के चलते पुलिस की टीम आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी। लिहाजा अधिकारियों को वापस सड़क पर आना पड़ा। इसी दौरान पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल एक युवक को पकड़ लिया। अपर नगर आयुक्त ने उससे कहा कि वही महिलाओं को पथराव के लिए उकसा रहा है। सूचना पर कई थानों की पुलिस और सिटी मजिस्ट्रेट राजीव पांडेय मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने बल प्रयोग करके प्रदर्शन कर रहे लोगों को वहां से खदेड़ना शुरू किया तो महिलाएं पुलिस पर हमलावर हो गईं। पुलिस ने उनके साथ मौजूद एक युवक को हिरासत में ले लिया गया। इस युवक की नगर निगम के एक अधिकारी ने लात से पिटाई की। इसके बाद जेसीबी आगे बढ़वा दी। इसके बाद जेसेबी ने दीवार ढहाकर वहां खाई खोद दी। शाम तक नगर निगम की टीम ने जमीन अपने कब्जे में ले ली।
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बेशकीमती इस जमीन पर बिल्डरों की नजर
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह जमीन बेशकीमती है। इस पर कुछ बिल्डरों की निगाह है। वही कुष्ठ आश्रम के लोगों को जमीन पर कब्जा करने के लिए उकसा रहे हैं। नगर निगम कुष्ठ आश्रम को कोई क्षति नहीं पहुंचा रहा है। सिर्फ उसके पास वाली अपनी जमीन को ही खाली कराके कब्जा ले रहा है, लेकिन कुष्ठ आश्रम के लोगों को बवाल करने के लिए आगे कर दिया गया। ये गरीब लोग हैं, इनका इस्तेमाल कुछ बिल्डर कर रहे हैं।
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मौके पर मौजूद नहीं था कोई प्रशासनिक अधिकारी
शासन ने साफ कह दिया कि अतिक्रमण हटाने के लिए जहां भी नगर निगम की टीम जाएगी वहां प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहेंगे, लेकिन यहां पर कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। बताया गया कि किसी की ड्यूटी भी नहीं लगाई गई थी। बवाल बढ़ता तो पुलिस को बल प्रयोग करने का आदेश देने वाला कोई अधिकारी नहीं था।
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कुष्ठ आश्रम से सटी जमीन नगर निगम की है। इस पर कब्जा लेने के लिए शनिवार को टीम पहुंची थी। इस जमीन का सदुपयोग किया जाएगा। कुछ लोगों ने इस कार्रवाई का विरोध किया लेकिन बाद में वे शांत हो गए। - अजीत कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त