बरेली। तीन सौ करोड़ से ज्यादा की ठगी करने वाले श्रीगंगा इन्फ्रासिटी प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर राजेश मौर्य ने निवेशक परिवार को जमानत कराने पर रुपये लौटाने का वादा किया था। जमानत के बाद राजेश और उसके गुर्गे निवेशकों को धमकाने लगे। कोतवाली में महिला निवेशक ने रिपोर्ट दर्ज कराई है।
रामपुर गार्डन निवासी प्रीति अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2016 में राजेश मौर्य, उसके भाई अजय मौर्य, दिनेश मौर्य अपने गुर्गे विश्वनाथ मौर्य, शिवनाथ मौर्य, कृष्णनाथ मौर्य और मनोज मौर्य को लेकर उनके घर आए। इन लोगों ने जमीन में निवेश करने पर मोटा मुनाफा देने का झांसा दिया। प्रीति की मां अजय मौर्य को जानती थीं इसलिए भरोसा कर जीवन भर की जमापूंजी 2 करोड़ 66 लाख रुपये कंपनी में निवेश कर दिए। इसमें प्रीति के भाई ने 1 करोड़ 22 लाख जबकि प्रीति ने 20 लाख रुपये निवेश किए। इसके बाद राजेश मुनाफा और जमीन देने का वादा करता रहा।
वर्ष 2018 में राजेश और उसके गुर्गों पर मुकदमे दर्ज हुए तो उन लोगों को धोखाधड़ी का अहसास हुआ। उन्होंने रुपये मांगे तो राजेश और उसके गुर्गे बोले कि हमारी जमानत करा लो, बाहर आकर ही रुपये दे पाएंगे। मजबूरी में प्रीति ने भागदौड़ कर इलाहाबाद हाईकोर्ट से 20 लाख खर्च कर ठगों की जमानत करा ली। जेल से छूटने के बाद राजेश, अजय और दिनेश अपने गुर्गों के साथ मिलकर निवेशकों को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। कोतवाली में प्रीति ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। बताया जा रहा है कि गोला बंधुओं पर शिकंजा कसने के बाद पुलिस राजेश मौर्य और उसके गुर्गों पर भी शिकंजा कस सकती है। अमर उजाला ब्यूरो