बरेली। नगर निगम ने पीपीपी मॉडल पर पार्किंग स्थल विकसित करने की तैयारी की है। इसके लिए पार्किंग प्रबंधन समिति का गठन किया है। इसमें स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ यातायात पुलिस को भी भागीदारी दी गई है। जल्दी ही कमेटी की बैठक की होगी।
शहर में दिनों दिन वाहनों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन कहीं भी पार्किंग का इंतजाम नहीं है। फुटपाथ और सड़कों के किनारे अवैध तरीके से पार्किंग होती है। जाम लगता है और हादसे का खतरा रहता है। इस स्थिति से निबटने के लिए नगर निगम, विकास प्राधिकरण और यातायात पुलिस काम करेंगे। अब निजी जमीनों पर पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के तहत वाहन पार्किंग स्थल विकसित किए जाएंगे। बेहतर पार्किंग की सुविधा के साथ निजी निवेश से इंफ्रास्ट्रक्चर भी खड़ा होगा। पार्किंग प्रबंध समिति में विकास प्राधिकरण, नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस के अलावा आम लोग भी शामिल हैं। समिति निजी भागीदारी से पार्किंग स्थल चिह्नित करेगी। पार्किंग स्थलों पर सीसी कैमरों से निगरानी, डिजिटल साइन बोर्ड, बूम बैरियर, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग प्वाइंट, कंट्रोल सेंटर से एकीकरण, फाॅस्टैग भुगतान प्रणाली, स्वचालित टिकट मशीन जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है। ब्यूरो
पार्किंग प्रबंध समिति का गठन किया गया है। जल्द ही बैठक करके आगे की कार्ययोजना पर विचार विमर्श करेंगे। इस कवायद का शहर के लोगों को फायदा मिलेगा। -संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त