बरेली में जनता की सहूलियत के लिए लगाए गए स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को निगेटिव बैलेंस का झटका दे रहे हैं। जिस उपभोक्ता ने 28 फरवरी को बिल जमा किया था, अब उनका बैलेंस माइनस 7867 रुपये हो गया है।
बिल जमा करने के बावजूद कई उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। रोजाना करीब दो हजार उपभोक्ता ऐसी शिकायतें लेकर विद्युत निगम के कार्यालयों पर पहुंच रहे हैं।
जिले में करीब 83 हजार उपभोक्ताओं के घर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगे हैं। शहरी क्षेत्र में 62,924 तो ग्रामीण क्षेत्र में 20 हजार स्मार्ट मीटर लगे हैं। निगम का अनुमान है कि करीब 50 हजार उपभोक्ताओं का बैलेंस निगेटिव है। उनकी आपूर्ति लखनऊ से काटी जा रही है। रामपुर बाग स्थित कार्यालय में सोमवार को शिकायत करने वालों की कतार लगी रही।
उपभोक्ताओं ने बताई परेशानी
तोपखाना कैंट के आरए बाजार निवासी साहिल खान ने बताया कि उन्होंने 28 फरवरी को 600 रुपये बिल जमा किया था। इसके बावजूद बैलेंस 7,867 रुपये माइनस हो गया। पहले सिर्फ 300 रुपये बिल आता था।
रेजीडेंसी गार्डेन के नरेंद्र सिंह ने कहा कि 25 जनवरी को घर पर स्मार्ट मीटर लगने के बाद वह 22 दिन बाहर रहे। अब बिल बढ़कर 14,161 रुपये हो गया है। इसे ठीक कराने में पसीने छूट रहे हैं।
आलमगिरीगंज के विपुल शर्मा ने बताया कि उनके घर पर सोलर पैनल व स्मार्ट मीटर दोनों लगे हैं, लेकिन बिजली नहीं आ रही है। उन्होंने 22 मार्च को बिल जमा किया था, फिर भी सुबह लाइट कट गई।
शाहबाद के जावेद हुसैन ने कहा कि स्मार्ट मीटर में लगने वाला आर्मर्ड केबल बदलने के बावजूद बिल बढ़कर आ रहा है। पहले दो हजार बिल आता था, अब यह छह हजार रुपये तक आ रहा है।
छोटी विहार के राकेश कुमार ने कहा कि बिल जमा करने के बाद भी लाइट सुबह कट गई। कहा गया कि 1000 रुपये जमा करिए। सोलर पैनल लगे होने के बावजूद लाभ नहीं मिल पा रहा है।
विद्युत निगम शहरी के अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। अभी नई व्यवस्था है, जिसको समझने में थोड़ा समय लग रहा है।