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उमेश पाल हत्याकांड: बरेली जेल में 10 फरवरी को भी अशरफ से मिले थे शूटर, फर्जी आईडी का किया था इस्तेमाल

Mon, 13 Mar 2023 11:37 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

प्रयागराज के उमेश पाल हत्याकांड के तार बरेली से जुड़े हैं। मामले में रोज नई बातें सामने आ रही हैं। अब एजेंसियों व पुलिस को पता लगा है कि 11 फरवरी ही नहीं, दस फरवरी को भी प्रयागराज से आए करीबियों और शूटरों ने अशरफ से बरेली जेल में मुलाकात की थी।
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Umesh Pal Hatyakand - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रयागराज के उमेश पाल हत्याकांड में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। इस हत्याकांड में नामजद माफिया अतीक अहमद का भाई अशरफ बरेली जेल में बंद है। इसे लेकर एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पुलिस को पता लगा है कि 11 फरवरी ही नहीं, 10 फरवरी को भी प्रयागराज से आए करीबियों और शूटरों ने अशरफ से बरेली जेल में मुलाकात की थी।

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प्रयागराज पुलिस ने एनकाउंटर और गिरफ्तारियों के बाद ही खुलासा कर दिया था कि उमेश पाल की हत्या की योजना साबरमती जेल में बंद अतीक अहमद और बरेली जेल में बंद उसके भाई अशरफ ने बनाई थी। साबरमती जेल में अतीक से मिलने के बाद शूटरों ने 11 फरवरी को बरेली जेल में अशरफ से मुलाकात की थी। इनमें विजय चौधरी उर्फ  उस्मान, गुलाम और अजहर समेत नौ लोग शामिल थे।

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अशरफ ने असद के लिए कही थी यह बात 

नई बात सामने आई है कि अतीक के बेटे असद ने भी शूटरों के साथ अशरफ से मिलकर योजना को अंतिम रूप दिया था। अशरफ ने उसे घटना के दौरान कार में ही बैठे रहने का निर्देश दिया था, लेकिन उमेश पाल को बचकर भागता देखकर असद ने कार ने निकलकर फायरिंग कर दी और फुटेज में उसका भी चेहरा आ गया।



अब यह भी पता लगा है कि दस फरवरी को भी प्रयागराज से शूटर और कुछ गुर्गे बरेली आए थे। यहां शूटरों ने प्रयागराज निवासी आकिब की आईडी का इस्तेमाल किया था। जिस आईडी पर अजहर बरेली जेल में अशरफ से मिला था, वह जांच में फर्जी निकली है। अजहर ने खुद को बरेली के जगतपुर का निवासी दर्शाया था। ऐसे में आरोपियों पर धोखाधड़ी की धारा भी बढ़ सकती है।
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