शाहमतगंज में संचालित अवैध फलमंडी के खिलाफ ‘से नो टू करप्शन’ में मामला पहुंच गया है। इस अवैध मंडी के संचालन से मंडी समिति को कई लाख रुपये महीने के मंडी शुल्क की चोरी की शिकायत एडीएम (प्रशासन) से की गई है। जिसमें मंडी समिति के सचिव और सभापति पर भी उंगली उठाई गई है। अवैध मंडी को चलाने में डेलापीर मंडी के आढ़ती के अलावा नगर निगम और पुलिस की मिलीभगत के आरोप भी लगे हैं। क्योंकि रात दो बजे से लेकर सुबह सात बजे तक इस मंडी के कारण शाहमतगंज चौराहे से लेकर सेटेलाइट तक जाम लगा रहता है। इतना सब कुछ होने पर भी स्थानीय पुलिस और नगर निगम के अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। शहर के शहामतगंज चौराहा, देवचरा, , कुतुबखाना, एलन क्लब बाजार और नरियावल में संचालित अवैध फल व शब्जी मंडी से सिटी मजिस्ट्रेट एवं मंडी समिति के सभापति उमेश मंगला अनभिज्ञ हैं। इन किसानों से कुछ सिक्स आर काट कर वसूली कौन कर रहा है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। मंडी समिति परिसर के बाहर सिक्स आर किसके निर्देश पर कट रही है।
मंडी समिति बरेली क्षेत्र के शहामतगंज के अलावा देवचरा, कुतुबखाना, एलन क्लब बाजार और नरियावल आदि स्थानों पर भी अवैध रुप से थोक में सब्जी और फल मंडियां लग रही हैं। इन जगहों पर हर दिन लाखों रुपये का अवैध कारोबार हो रहा है। जिसमें करीब पांच लाख रुपये प्रतिदिन के मंडी शुल्क की क्षति की शिकायतें हैं। जिनके बारे में मंडी समिति के सचिव और सभापति दोनों अनभिज्ञ बने हुए हैं।
‘शहामतगंज चौराहे पर अवैध मंडी के संचालन की शिकायत ‘से नो टू करप्शन’ में दर्ज हुई है। इस की जांच कराई जा रही है। मंडी कैसे संचालित हो रही है और इससे राजस्व की कितनी क्षति हो रही है। इन सभी मामलों की जांच कराने के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी’ अरुण कुमार, एडीएम (प्रशासन) प्रभारी से नो टू करपप्शन प्रकोष्ठ