मंडलायुक्त ने पीलीभीत में जर्जर बस से हुए दर्दनाक हादसे पर नाराजगी जाहिर करते हुए आरटीओ को प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत विभाग 13 अप्रैल से पूरे मंडल में सघन चेकिंग अभियान शुरू करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य स्कूली वाहनों में मानक पूरा कराना होगा। इसके साथ ही सभी स्कूल संचालकाें को दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
कमिश्नर प्रमांशु यादव ने कहा है कि मंडल में एक भी जर्जर और फिटनेस वाहन सड़क पर नहीं दौड़ना चाहिए। स्कूलाें में अनुबंधित वाहनाें के मानक पूरे न होने पर संबंधित परिवहन अधिकारी और स्कूल संचालक जिम्मेदार होंगे। बरेली जिले में सिर्फ 36 स्कूल वाहन पंजीकृत हैं। टेंपो, ऑटो, मिनी बस, बस, वैन, मैजिक आदि विभिन्न वाहनों की तादात 4000 से ज्यादा हैं। अधिकतर टेंपो और ऑटो में दाहिने ओर ग्रिल तक नहीं लगी है। अवैध एलपीजी से स्कूल वाहन घूम रहे हैं।
- स्कूल बस के ये हैं नियम
स्कूल बस या वैन का परमिट हो
वाहन पीले रंग में रंगा हो
उसके आगे पीछे स्कूल लिखा हो
वैन की खिड़कियाें में ग्रिल लगी हो
वैन और बस में अग्निशमन यंत्र हो
स्कूल का नाम और नंबर बस में लिखा हो
स्कूल बस के चालक के पास पांच साल भारी वाहन चलाने का अनुभव हो
ट्रैफिक मामले में चालक का कोई खराब रिकार्ड न हो
बच्चाें की संख्या निर्धारित हो
बस में ऑन स्कूल ड्यूटी लिखा हो
बस में फर्स्ट एड बॉक्स भी हो
स्कूल बैग रखने को सीट के नीचे जगह हो