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बरेली के 661 अनफिट वाहन चल कहां रहे हैं?

Sat, 11 Apr 2015 01:52 AM IST
बरेली
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अेकेले जिले में पंजीकृत 661 बस और भारी वाहनाें का कोई अता पता ही नहीं है। इनकी फिटनेस अवधि खत्म हो चुकी है और ये चल कहां रहे हैं इसका भी पता नहीं है। पीलीभीत में स्कूली बस की घटना के बाद परिवहन विभाग ने फिटनेस बगैर चल रहे जर्जर वाहनाें की तलाश शुरू कर दी है। जिले में पंजीकृत 79 बस 532 ट्रक ऐसे हैं जिनकी वाहन मालिकाें ने नियमानुसार फिटनेस नहीं कराई है। अब आरटीओ आरआर सोनी ने इनको नोटिस जारी कर फिटनेस कराने को कहा है।
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कमिश्नर को पता है आरटीओ को नहीं
शाहजहांपुर में भी एक स्कूल बस पलटी थी। इसकी जानकारी कमिश्नर प्रमांशु यादव तक पहुंच गई लेकिन परिवहन विभाग को अभी तक इसकी जानकारी नहीं है। इसमें कई बच्चे घायल हुए थे। पुलिस, विभागीय अफसर और स्कूल प्रबंधन ने इसे रफा दफा करा दिया। अब कमिश्नर ने दोनाें मामलों में आख्या तलब की है।
बस मालिक का खेल
बजाज पब्लिक स्कूल की बस  बरेली के 220 बिहारीपुर सिविल लाइंस निवासी कैलाश मैनाली ने हल्द्वानी से खरीदी थी । सवा तीन साल पहले शाहजहांपुर में पंजीकरण कराने के बाद उन्होंने यूपी का नंबर लेने के लिए कोई आवेदन तक नहीं किया।  कै लाश ने बजाज चीनी मिल द्वारा संचालित कुछ स्कूलाें में अपने जर्जर बसें लगवाई हैं। कैलाश ने मिनी बस आरसी अभिलेख में अपना अस्थायी पता शाहजहांपुर दर्शाया है।
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दूसरे राज्याें से ट्रांसफर  वाहनाें को करानी होगी फिटनेस
बरेली। दूसरे राज्याें से कंडम बस आदि खरीदकर तमाम लोग यूपी के स्कूलाें में लगा देते हैं। जबकि अन्य कामर्शियल वाहनाें को सामान, रेता बजरी, मिट्टी आदि ढोने के लिए लगा रहे हैं। इनसे होने वाली दुर्घटनाओं से प्रभावित लोग मुआवजे के लिए दौड़ते रहते हैं, क्योंकि इन वाहनाें का पंजीकरण गड़बड़ होता है। इस मामले पर कमिश्नर प्रमांशु यादव ने निर्देश दिए हैं कि जो वाहन अन्य राज्याें से ट्रांसफर होकर बरेली मंडल आएंगे। उनका फिटनेस यूपी परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित नियमाें के तहत किया जाएगा। इसके बगैर पंजीकरण आदि न करने के निर्देश कमिश्नर ने दिए हैं।
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