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विद्युत जेई संगठन मनमाने तबादलों पर हुआ लामबंद

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बरेली। इस बार पॉवर कारपोरेशन प्रबंधन ने वर्षों से एक स्थान पर जमे इंजीनियर इधर-उधर कर दिए हैं। इसमें लिपिक वर्ग भी शामिल है। ज्यादातर मामलों में मनमानी भी हुई है, इसलिए विद्युत जेई संगठन ने लामबंदी शुरू कर दी है। संगठन ने प्रबंधन को लिखे पत्र में कहा है कि विभिन्न जिलों के इकाई पदाधिकारी भी स्थानांतरित किए गए हैं, जो कि नियमविरुद्ध है। साथ ही लिपिक वर्ग के स्थानांतरण में भी गड़बड़ियां हुई हैं। अगर सही नहीं किया गया तो आंदोलनात्मक कदम उठाया जाएगा।
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पॉवर कारपोरेशन ने नई स्थानांतरण नीति बनाकर उसे सख्ती से लागू कराना शुरू कर दिया है। इसके तहत बरेली जोन में बड़े स्तर पर रद्दोबदल हुए हैं। नई नीति में लिपिक संवर्ग भी शामिल है। इसलिए विभाग ने 15 जुलाई तक स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी कर शत प्रतिशत इसका अनुपालन करने के निर्देश भी दिए थे। विभाग ने इस बार बीते साल स्टे पर रोके गए अधिकारी और स्टाफ भी फिर स्थानांतरित कर दिया है, लेकिन प्रबंधन ने कई स्थानांतरण ऐसे कर दिए जो संगठन में पदाधिकारी हैं, जबकि नीति में साफ लिखा है कि जिला अध्यक्ष/सचिव आदि नहीं बदले जाएंगे, उन्हें यथासंभव जनपद में ही रखा जाएगा। इस पर विद्युत जेई संगठन ने लामबंदी शुरू कर दी है। मध्यांचल अध्यक्ष अनिल वर्मा ने पत्र लिखकर प्रबंधन से कहा है कि नीति के विपरीत हुए स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से रद्द किए जाएं।
शुरू हुई ‘जुगाड़’
नई नीति में कई लिपिक संवर्ग भी प्रभावित हुआ है, लेकिन इसमें जुगाड़बाजी भी शुरू हो गई है। बताया जाता है कि कुछ लिपिक ठेकेदारों के इशारे पर बदले जा रहे हैं। बहेड़ी विद्युत वितरण खंड में कनेक्शन काटने के नाम पर हुए लाखों रुपये के घोटाले का विरोध करने वाले लिपिकों पर गाज गिराने की तैयारी है, जिससे ठेकेदारों को मनमाना भुगतान होने में कोई बाधा न आए। बताया जाता है कि इसमें खुद अफसर भी शामिल हैं। सोमवार शाम तक चीफ इंजीनियर बरेली नहीं पहुंचे थे, इसलिए नए जेई वर्ग का आवंटन और लिपिकों की तैनाती नहीं हो पाई है, जबकि मनचाही पोस्टिंग पाने को ‘जुगाड़’ फिट होने लगी है।
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