विहिप की नेता बोलीं- राहुल को ले लेनी चाहिए भारत की नागरिकता
बरेली। विहिप की नेता साध्वी प्राची मंगलवार को पीलीभीत से दिल्ली जाते वक्त एडीजी जोन से मुलाकात करने उनके दफ्तर पहुंचीं। यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि राहुल-प्रियंका को खुद नहीं पता कि वह कौन से धर्म के हैं। उन्हें मोदी जी को प्रणाम कर हिंदुस्तान की नागरिकता ले लेनी चाहिए।
नागरिकता संशोधन कानून पर साध्वी ने कहा कि देश की संपत्ति को एएमयू और जेएनयू के छात्र ही जला रहे हैं। वहां पढ़ाई नहीं हो रही, जेहादी तैयार किए जा रहे हैं। दोनों विश्वविद्यालय बंद होने चाहिए। उन्होंने कहा कि मदरसों के वेतन भी बंद करने चाहिए। उन्होंने मौलाना तौकीर रजा पर भी निशाना साधा। कहा कि वह और ओवेसी राम मंदिर व आर्टिकल 370 हटने पर भी देश की गलियों में खून बहाने की बात कह रहे थे। पाकिस्तान की भाषा बोलने वाले ऐसे लोगों पर सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। एक सवाल पर कहा कि हिंदुस्तान पहले से हिंदू राष्ट्र है। विभाजन धर्म के आधार पर हुआ था। उन्होंने कहा कि 2020 तक जनसंख्या कानून आएगा, देश को इसका इंतजार है। बोलीं- जब अयोध्या में भव्य मंदिर बनेगा तो काशी में भी बन जाएगा। एडीजी अविनाश चंद्र ने कहा कि साध्वी प्राची शिष्टाचार भेंट करने आई थीं। कोई शिकायत या अन्य प्रायोजन नहीं था।
पुलिस एस्कॉर्ट न मिलने पर थाने जा धमकीं साध्वी
बरेली से पीलीभीत जाते वक्त नवाबगंज थाने की सीमा में पहुंचने पर पुलिस एस्कॉर्ट न मिलने से साध्वी का पारा चढ़ गया। वह काफिले के साथ सीधे कोतवाली जा धमकीं। यह देख पुलिस में हड़कंप मच गया। कोतवाल गौरव सिंह तुरंत उनकी आवभगत में जुट गए। साध्वी ने उनसे पुलिस एस्कॉर्ट न मिलने पर नाराजगी जताई। इस पर कोतवाल ने तुरंत ही एस्कॉर्ट की व्यवस्था तक साध्वी को अपने थाना क्षेत्र की सीमा से बाहर तक छुड़वा दिया।