बिथरी चैनपुर। मारपीट के एक मामले का नामजद आरोपी नहीं मिला तो पुलिस ने विधायक श्याम बिहारी लाल के करीबी भाजपा पदाधिकारी उसके भतीजे को ही उठा लिया। यही नहीं थाने का दरोगा गांव से उसे पीटते हुए थाने तक ले गया और हवालात में डाल दिया। अपने करीबी नेता के साथ पुलिस के इस सलूक पर भड़के विधायक श्याम बिहारी लाल थाने पहुंचे तो उनकी भी इंस्पेक्टर से तीखी नोकझोंक हो गई जिसके बाद इंस्पेक्टर विधायक को थाने में ही बैठा छोड़कर मीटिंग में जाने की बात कहकर थाने से निकल गए। विधायक ने इसके बाद भाजपा जिलाध्यक्ष तमाम नेताओं को थाने बुला लिया। इसके बाद करीब डेढ़ घंटे थाने में हंगामा होता रहा। सीओ थर्ड के पूरे मामले की सूचना ऊपर देने के बाद कप्तान ने आरोपी दरोगा को लाइन हाजिर किया तब भाजपा नेता शांत हुए। इंस्पेक्टर और थाने के स्टाफ की भूमिका की भी जांच का आदेश दिया गया है।
मारपीट के 20 दिन पुराने मामले में बिथरी थाने के दरोगा विनय कुमार गुरुवार दोपहर भोजपुर रामनाथ गांव पहुंचे। नामजद न होने के बावजूद वहां से भाजपा के सेक्टर प्रभारी और विधायक के करीबी राजेंद्र मौर्य को उनकी दुकान से पकड़ लिया और उसे पीटते हुए ले जाकर हवालात में बंद कर दिया। इसकी सूचना मिली तो विधायक श्याम बिहारी लाल ने इंस्पेक्टर बिथरी ललित मोहन से फोन पर बात कर राजेंद्र को छोड़ने को कहा लेकिन इंस्पेक्टर ने टाल दिया। इस पर गुस्साए विधायक खुद ही थाने पहुंच गए। यहां इंस्पेक्टर की विधायक से जमकर नोकझोंक हुई जिसके बाद इंस्पेक्टर मीटिंग की बात कहकर थाने से चले गए। इस पर विधायक थाने में ही कुर्सी डालकर बैठ गए। उनकी सूचना पर जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर, उपाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह, महानगर अध्यक्ष केएम अरोड़ा, हरवेंद्र यादव समेत तमाम भाजपाई थाने पहुंच गए। थाने में हंगामा शुरू हो गया। नेता इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर और दरोगा विनय कुमार को सस्पेंड करने पर अड़ गए। उन लोगों ने प्रदेश के पदाधिकारियों को सूचना दी तो उन्होंने एडीजी और डीआईजी से बात की तो करीब एक घंटे बाद सीओ थर्ड कुलदीप कुमार थाने पहुंचे। उन्होंने विधायक समेत नेताओं को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। फिर उन्होंने एसएसपी मुनिराज जी. को जानकारी दी तो उन्होंने दरोगा विनय कुमार को लाइन हाजिर कर दिया। तब विधायक और जिलाध्यक्ष शांत हुए। बता दें कि इससे पहले बहेड़ी में भाजपा के जिला उपाध्यक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के बाद विधायक छत्रपाल और पुलिस के बीच काफी दिन टकराव की स्थिति रही थी।
अपराधी जैसा सलूक, पत्नी से भी मारपीट
बीस दिन पहले भोजपुर रामनाथ गांव के चौकीदार वीरपाल की राजेंद्र मौर्य के ताऊ हरदयाल से लड़ाई हो गई थी। इस पर वीरपाल ने हरदयाल और उसके बेटेे मोहन व गोविंद के खिलाफ एनसीआर दर्ज कराई थी। इसी मामले में दरोगा विनय कुमार हरदयाल को पकड़ने गए थे। वो नहीं मिला तो उसके भतीजे राजेंद्र को पीटते हुए थाने ले गए। आरोप है कि राजेंद्र की पत्नी नन्ही देवी ने पति को गिरफ्तार करने का कारण पूछा तो उनसे भी मारपीट की गई।
इंस्पेक्टर बोले- विधायक जी, दबाव बनाने को पकड़ा था
विधायक की नाराजगी पर बिथरी इंस्पेक्टर ललित मोहन ने तर्क दिया कि राजेंद्र का मारपीट से मतलब नहीं था, लेकिन कई बार दबाव बनाने के लिए परिचित और परिवार वालों को उठाते हैं। इस पर विधायक ने कहा कि तो क्या किसी को पीटकर बंद कर दोगे। इंस्पेक्टर ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया और मीटिंग में जाने की बात कहकर निकल गए।
दरोगा बोले- चौकीदार को पीटने गए थे राजेंद्र
लाइनहाजिर किए गए दरोगा विनय कुमार का कहना है कि दोनों पक्ष में समझौते के आसार थे, इसलिए कार्रवाई नहीं कर रहे थे। राजेंद्र पक्ष ने ही एक-दो दिन में फैसले की बात कही थी। फैसला तो किया नहीं, बल्कि राजेंद्र साथियों के संग वीरपाल को धमकाने उसके घर पहुंच गए और उसे पीटने लगे। वीरपाल की सूचना पर ही वह राजेंद्र को पकड़ लाए।
राजेंद्र का पुरानी मारपीट से कोई मतलब नहीं था। दरोगा विनय कुमार ने उन्हें बेवजह पीटकर हवालात में बंद किया। इस मामले में प्राथमिक तौर पर दरोगा की गलती पाई गई इसलिए उसे लाइनहाजिर कर दिया गया है। इंस्पेक्टर का घटना से सीधा वास्ता नहीं लगता। फिर भी उच्चाधिकारियों को घटनाक्रम की जानकारी दे दी है। अब उनके स्तर से ही कोई निर्णय होगा। - कुलदीप कुमार, सीओ तृतीय
जिसने रिपोर्ट लिखाई है, वह पुलिस का मुखबिर है और उसके खिलाफ पशु तस्करी कराने की शिकायतें हैं। फिर भी उसकी शिकायत पर पुलिस राजेंद्र को पकड़ लाई और पीटकर हवालात में बंद कर दिया। इंस्पेक्टर ने भी दरोगा का समर्थन किया। अधिकारियों ने जांच कराने का आश्वासन दिया है, एसएसपी ने दरोगा को लाइन हाजिर भी कर दिया है। जरूरत पड़ी तो लखनऊ से भी कार्रवाई कराऊंगा।
- श्याम बिहारीलाल, फरीदपुर विधायक