पुलिस के पास आते रहे माननीयों के फोन
बरातघर में कार्रवाई और कार चालकों की धरपकड़ के बाद नेता भी सक्रिय हो गए। इंस्पेक्टर व अधिकारियों के पास जनप्रतिनिधियों के फोन आने लगे। सत्तापक्ष से जुड़े लोग भी मामले का निपटारा करने की बात कहते रहे। इंस्पेक्टर ने बताया कि जो कार्रवाई करनी थी, वह कर चुके हैं। वह लोग चाहें तो कोर्ट से मदद ले सकते हैं।
चाय की दुकानों के बाहर रातभर लगता है मजमा
शहर में सेटेलाइट चौराहे से श्यामगंज के बीच चाय की दुकानों व होटलों पर आधी रात के बाद तक लड़कों का मजमा लगा रहता है। यहां अपराधी छवि के लोग भी जुटते हैं। कई बार यहां फायरिंग, मारपीट, वाहनों में तोड़फोड़ और छेड़खानी की घटनाएं हो चुकी हैं, पर पुलिस जानबूझकर ध्यान नहीं देती। तमाम खाकी वाले भी यहीं मंडराते रहते हैं। चर्चा है कि उन्हें चाय-नाश्ते का खर्च भी नहीं देना पड़ता। यही वजह है कि इन दुकानों को रात दो बजे तक खोलने की छूट दी जाती है।