घर जाने से किया इनकार
सूर्यभान ने परिजनों को पहचान तो लिया लेकिन घर जाने से मना कर दिया। काफी कोशिश के बाद परिजन उन्हें घर लाए। पारिवारिक एल्बम में उन्होंने परिवार के सभी सदस्यों को पहचान लिया। सूर्यभान ने बताया कि वह हरिद्वार में गुरुजनों के साथ रहता है। घर से जाने के बाद वह कहां गया। हरिद्वार पहुंचने से पहले कहां-कहां रहा, इस बारे में कुछ भी नहीं बताया।
परिजनों ने बताया कि सूर्यभान के लौटने का इंतजार करते-करते चार वर्ष पहले पिता कृष्णचंद्र गुप्ता की मौत हो चुकी है। परिवार में मां सरस्वती व भाई चंद्रभान गुप्ता, रोहित गुप्ता, अजय गुप्ता हैं। मां ने बेटे को घर पर रुकने के लिए कहा, लेकिन सूर्यभान ने इनकार कर दिया। बताया कि जल्द ही वह अपने गुरुजनों के पास लौट जाएगा।