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Bareilly: महिलाओं की हत्याओं के खुलासे में कम नहीं हो रहीं पुलिस की चुनौतियां, हर कत्ल की वजह पर पड़ताल

Sun, 10 Dec 2023 01:12 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

एक तरफ सिरफिरों में कातिल ढूंढा जा रहा है तो दूसरी तरफ हर कत्ल की अलग-अलग वजह तलाशी जा रही है। लेकिन महिलाओं की हत्या के मामलों में अब तक पुलिस खाली हाथ है।  
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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बरेली के शाही-शीशगढ़ में महिलाओं की हत्याओं के खुलासे में नाकाम पुलिस की चुनौतियां कम नहीं हो रही हैं। रोजाना तफ्तीश की दिशा बदल रही है। एक तरफ सिरफिरों में कातिल ढूंढा जा रहा है तो दूसरी तरफ हर कत्ल की अलग-अलग वजह तलाशी जा रही है। अनसुलझे तीन महिलाओं की हत्याओं के खुलासों को लेकर गुत्थी ज्यादा उलझी हुई है। खुलासे लायक आधार बनाने और कड़ियां जोड़ने में पसीना छूट रहा है।

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उर्मिला हत्याकांड : करीबी और बदमाश भी रडार पर
26 नवंबर को शीशगढ़ के गांव जगदीशपुर में उर्मिला का कत्ल हुआ था और गला कसकर हत्या की बात सामने आई थी। गन्ने के खेत में तीन फुट अंदर चूड़ियां और दस फुट अंदर शव भी रात के वक्त परिजनों को ही पड़ा मिला था। शव से कुंडल गायब थे। इसे लेकर परिजनों ने पड़ोसी गांव के जुआरियों पर शक जताया। 

पुलिस ने उन दिनों में गांव से गायब अपराधियों को भी खोजकर पड़ताल की, लेकिन खुलासे लायक आधार नहीं मिला। ऐसे में मोबाइल लोकेशन व कुछ और बिंदु पर करीबियों को लेकर भी पड़ताल हो रही है। हड्डियां बुरी तरह टूटी होने की पुष्टि से लूट के लिए हत्या का तथ्य भी मजबूत लग रहा है।

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दुलारी की मौत में करीबियों पर शक कायम
शाही के गांव खरसैनी में पिछले महीने 68 साल की दुलारी देवी का शव मिला था। उनके गले में साड़ी का फंदा लगा था लेकिन पोस्टमार्टम में मौत की वजह साफ न होने से खुलासा अटका है। बेटी ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने संदेह में एक चौकीदार को अफीम समेत गिरफ्तार दिखाकर जेल भेज दिया है, लेकिन संपत्ति से जुड़े मामले और करीबियों की संलिप्तता को लेकर भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

महमूदन हत्याकांड: नंबर की पड़ताल से सिरा निकालने की कोशिश
शीशगढ़ के गांव लखीमपुर में 31 अक्तूबर को महमूदन नाम की वृद्धा की दुपट्टे से गला कसकर हत्या की गई थी। बेटे ने अज्ञात हत्यारों पर रिपोर्ट कराई थी। इस घटना में भी आज तक पुलिस खुलासे के करीब नहीं पहुंच सकी है। गांव से कुछ संदिग्ध बाहर थे, इनकी पड़ताल भी पुलिस कर चुकी है। एक संदिग्ध का नंबर अभी तक सही से ट्रेस नहीं हो सका है, उसी की पड़ताल हो रही है।

धानवती की विसरा रिपोर्ट साफ, पुलिस को राहत
कुल्छा की धानवती का शव जून में गन्ने के खेत में मिला था। शव लापता होने के कुछ दिन बाद मिला तो पोस्टमार्टम में मौत की वजह साफ न हो सकी। हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने जांच को विसरा भेजा था। उसमें भी मौत की वजह नहीं खुली, पुलिस ने इस केस को खारिज मान लिया है। हालांकि भविष्य में किसी एक सिरफिरे की वजह से घटनाएं होने की नौबत आई तो धानवती मामले को जोड़ा सकता है। उस लिहाज से पड़ताल अभी जारी है।

विक्षिप्तों को अस्पताल भेजने के फरमान का इंतजार
पुलिस की पड़ताल में चिह्नित 82 विक्षिप्तों को मानसिक अस्पताल में रखा जाएगा। यहां डॉक्टर इनका परीक्षण कर दवाएं देंगे, इस बहाने इनकी मानसिक स्थिति की पड़ताल भी हो जाएगी। इसके साथ ही गले में गांठ लगाकर हत्या की वारदातें थमीं तो भी इनमें से किसी की भूमिका को लेकर पुलिस आकलन कर सकेगी। गांवों में साइको किलर होने या न होने को लेकर भी तस्वीर साफ हो जाएगी। शाही थाना प्रभारी इस मामले में अधिकारियों के आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
 

ग्रामीण बोले, पुलिस अपने हिसाब से कर रही खुलासे
गांवों में ग्रामीणों की चर्चा में प्रेमवती समेत दूसरी महिलाओं की हत्या का मुद्दा इन दिनों छाया रहता है। प्रेमवती के भतीजे वीरपाल ने बताया कि पूरे क्षेत्र में करीब नौ महिलाओं की हत्या हो चुकी है पर एक भी सटीक खुलासा नहीं हुआ। पुलिस सही आरोपी पकड़ती तो हत्याएं रुक जातीं। 

गांव के हरपाल श्रीवास्तव, विजयपाल, सोमपाल सिंह, खूबचंद, चेतराम, धर्मपाल, नरेंद्र व मिश्रीलाल आदि चौपाल में बैठे मिले। ज्यादातर ने अमर उजाला टीम को बताया कि कोई सिरफिरा या फिर कोई बाहर का गैंग हत्याएं कर रहा है। वहीं पुलिस अपने हिसाब से खुलासे कर ले रही है।
 
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हर बिंदु पर हो रही जांच, सही खुलासे होंगे
एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने बताया कि कुछ घटनाओं में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और विसरा रिपोर्ट से कहानी उलझ गई है। पुलिस हर घटना को अलग-अलग बिंदुओं पर जांच परख रही है, कोई लाइन पूरी तरह बंद नहीं की है। सही और सटीक खुलासे ही किए जाएंगे।
 
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