दुलारी की मौत में करीबियों पर शक कायम
शाही के गांव खरसैनी में पिछले महीने 68 साल की दुलारी देवी का शव मिला था। उनके गले में साड़ी का फंदा लगा था लेकिन पोस्टमार्टम में मौत की वजह साफ न होने से खुलासा अटका है। बेटी ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने संदेह में एक चौकीदार को अफीम समेत गिरफ्तार दिखाकर जेल भेज दिया है, लेकिन संपत्ति से जुड़े मामले और करीबियों की संलिप्तता को लेकर भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
महमूदन हत्याकांड: नंबर की पड़ताल से सिरा निकालने की कोशिश
शीशगढ़ के गांव लखीमपुर में 31 अक्तूबर को महमूदन नाम की वृद्धा की दुपट्टे से गला कसकर हत्या की गई थी। बेटे ने अज्ञात हत्यारों पर रिपोर्ट कराई थी। इस घटना में भी आज तक पुलिस खुलासे के करीब नहीं पहुंच सकी है। गांव से कुछ संदिग्ध बाहर थे, इनकी पड़ताल भी पुलिस कर चुकी है। एक संदिग्ध का नंबर अभी तक सही से ट्रेस नहीं हो सका है, उसी की पड़ताल हो रही है।
धानवती की विसरा रिपोर्ट साफ, पुलिस को राहत
कुल्छा की धानवती का शव जून में गन्ने के खेत में मिला था। शव लापता होने के कुछ दिन बाद मिला तो पोस्टमार्टम में मौत की वजह साफ न हो सकी। हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने जांच को विसरा भेजा था। उसमें भी मौत की वजह नहीं खुली, पुलिस ने इस केस को खारिज मान लिया है। हालांकि भविष्य में किसी एक सिरफिरे की वजह से घटनाएं होने की नौबत आई तो धानवती मामले को जोड़ा सकता है। उस लिहाज से पड़ताल अभी जारी है।