आंवला। सपा नेता के गुर्गे के साथ फोन पर बातचीत में पूर्व मंत्री और विधायक की खिल्ली उड़ाने का ऑडियो वायरल होने के बाद एसएसपी ने इंस्पेक्टर सिरौली संजय गर्ग को हटाकर क्राइम सेल में तैनात कर दिया। हालांकि कोतवाली छोड़ते-छोड़ते उनका एक और ऑडियो वायरल हो गया। इसमें वह सपा नेता के गुर्गे से पुराना ऑडियो डिलीट कराने के लिए खुशामद करने के साथ पूर्व मंत्री के दो नजदीकी लोगों को दलाल बता रहे हैं। सपा नेता का गुर्गा यह कहते हुए उनका मजाक उड़ा रहा है कि इन दोनों का तो घर भी थाने की ही कमाई से चलता है।
इंस्पेक्टर सिरौली संजय गर्ग का इलाके के ही एक सपा नेता के गुर्गे के साथ बातचीत का बुधवार को एक ऑडियो वायरल हुआ था जिसमें वह कहते सुनाई दे रहे थे कि एक व्यक्ति की गिरफ्तारी पर पूर्व मंत्री ने उन्हें फोन किया तो उन्होंने उन्हें झिड़क दिया। पूर्व सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने इस ऑडियो में अपना जिक्र होने की बात कहते हुए शासन और अधिकारियों से शिकायत की बात कही थी। बुधवार रात को ही एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने इंस्पेक्टर संजय गर्ग सिरौली से हटाकर क्राइम सेल भेज दिया। मगर बृहस्पतिवार को ही संजय गर्ग अपने बिगड़े बोलों की वजह से फिर विवाद में घिर गए। इस बार भी उनकी सपा नेता के उसी गुर्गे से बातचीत का ऑडियो वायरल हुआ जिसने उनका पहला ऑडियो वायरल करा दिया था।
इंस्पेक्टर इस ऑडियो में पहले तो सपा नेता के गुर्गे से पहला ऑडियो डिलीट कराने के लिए खुशामद कर रहे हैं, फिर पूर्व सिंचाई मंत्री के करीबी के तौर पर जाने जाने वाले सुरेश पांडे और डॉ. केपी सिंह को दलाल बताते हुए ठहाके लगा रहे हैं। सपा नेता का गुर्गा कह रहा है कि इन दोनों का तो घर ही थाने की कमाई से चलता है।
ऑडियो वायरल कर इंस्पेक्टर से डरा सपा नेता का गुर्गा
पूर्व मंत्री की खिल्ली उड़ाने वाले पहले ऑडियो को वायरल करने वाला सपा नेता का गुर्गा दूसरी बार इंस्पेक्टर से बातचीत में डरा हुआ भी महसूस हो रहा है। इंस्पेक्टर के थाने आने को कहने पर वह साफ इनकार कर रहा है। यह भी सफाई दे रहा है कि किसी और ने उसके फोन से ऑडियो चुराकर वायरल किया है जिसे वह डिलीट करा देगा। इंस्पेक्टर उससे बरेली साथ चलने को कहते हैं तो वह सिर्फ आंवला तक चलने की बात कह रहा है।
ऑडियो में इंस्पेक्टर मेरा नाम लेकर गलत भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। इस मामले में अदालत जाकर इंस्पेक्टर के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराऊंगा। - सुरेश पांडे, प्रतिनिधि धर्मपाल सिंह पूर्व सिंचाई मंत्री