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पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स का मानना.. हथियाई भी जा सकती है आपकी व्हाट्सएप डिटेल

Sat, 03 Oct 2020 02:00 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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demo photo - फोटो : amarujala
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इतनी सुरक्षित नहीं व्हाट्सएप का डाटा कि हैकर्स से हो जाएं पूरी तरह बेखबर

बरेली। शायद ही कोई ऐसा शख्स हो जिसने अपनी जिंदगी के कुछ गहरे राज किसी और से साझा न किए हों। तकनीकी क्रांति के इस दौर में तमाम मोबाइल एप भी लोगों के ऐसे ही राजदारों में शुमार हैं। हाल ही में फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की रहस्यमय मौत के बाद जिस तरह व्हाट्सएप चैट लीक होने के साथ मुंबई के ड्रग्स सिंडिकेट की परतें एक-एक कर उधड़ रही हैं, उसके बाद इस सवाल ने लाखों लोगों का टेंशन बढ़ा दिया कि राज को राज बनाए रखने के लिए क्या इन एप को पूरी तरह विश्वसनीय माना जा सकता है।
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फिल्म अभिनेत्री दीपिका पादुकोण और सुशांत की गर्लफ्रेंड रिया की तीन साल पुरानी तक व्हाट्सएप चैट नॉरकोटिक्स ब्यूरो के अफसरों के हाथों में है लिहाजा व्हाट्सएप के उस दावे पर लोगों का यकीन डगमगा गया है कि इस एप पर उनकी चैट पूरी तरह सुरक्षित रहती है। तजुर्बेकार पुलिस अधिकारी और साइबर एक्सपर्ट इस पूरे माजरे को अलग ही नजरिये से देखते हैं। उनका मानना है कि व्हाट्सएप चैट सुरक्षित तो है लेकिन इतनी भी नहीं कि कोई इसे हथिया न सके।

जब तक दूसरे हाथ में नहीं जाएगा मोबाइल.. लीक नहीं होगी चैट

एक्सपर्ट कहते हैं कि अगर मोबाइल में गूगल क्रोम है तो ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। दरअसल क्रोम पर एक वेब की सेटिंग होती है जिसे खोलने पर क्यूआर कोड आता है जिसे दूसरे मोबाइल के व्हाट्सएप सेटिंग में जाकर स्कैन करने पर व्हाट्सएप हैक हो जाता है। इसके बाद उसकी सारी जानकारी पर नजर रखी जा सकती है। प्रोफाइल फोटो और स्टेट्स तक भी दूसरे मोबाइल पर बदला जा सकता है। इस तरह व्हाट्सएप एकाउंट को हैक करने में बमुश्किल मिनट भर का समय लगता है। लिहाजा किसी के भी हाथ में अपना मोबाइल देने की आदत काफी महंगी पड़ सकती है और पलक झपकते ही निजी डाटा लीक हो सकता है।

डाटा रिकवरी के लिए जांच एजेंसियों के पास एडवांस सॉफ्टवेयर

बैकअप में स्टोर रहती है डिलीट की गई चैटिंग भी
यह सच है कि व्हाट्सएप किसी का डाटा अपने पास स्टोर नहीं करता। रिया और दीपिका के मामले में एनसीबी के हाथ दोनों में से किसी का मोबाइल लगा है जिसकी चैटिंग को पुराने बैकअप से निकाला गया है। एनसीबी, सीबीआई और रॉ देश की शीर्ष जांच एजेंसियां हैं जिनके पास अत्याधुनिक संसाधन और डाटा की रिकवरी करने वाले एडवांस सॉफ्टवेयर हैं। इनके जरिये किसी भी मामले की विवेचना में किसी भी मोबाइल या कंप्यूटर का डाटा निकाला जा सकता है। हालांकि आम लोगों को टेंशन में आने की जरूरत नहीं है। बस इतनी सावधानी रखनी चाहिए कि अपना मोबाइल किसी और के हाथ में न दें और उसे हमेशा लॉक रखें। - राहुल मिश्रा, साइबर सलाहकार, यूपी पुलिस

साइबर एक्सपर्ट के पास चैट रिकवर करने के तमाम तरीके

पुलिस के पास भी बिना किसी ठोस वजह के किसी की निजी चैट रिकवर या वायरल करने का अधिकार नहीं है। व्हाट्सएप के स्तर से भी इस तरह की गड़बड़ नहीं होती है लेकिन यदि किन्हीं दो लोगों या ग्रुप ने चैट की हो तो इनमें से किसी का मोबाइल किसी साइबर जानकार के पास जाने से चैट वायरल होने का खतरा रहता है। तमाम लोग चैट को डिलीट करके यह समझ लेते हैं कि अब उसे कोई नहीं देख सकेगा लेकिन ऐसा नहीं है। किसी जानकार के हाथ में मोबाइल आने के बाद कई साल पुरानी चैट भी आसानी से रिकवर की जा सकती है। वैसे सामान्य तौर पर यह अपराध है। लोगों को चाहिए कि वे अपने मोबाइल को अपने पास रखें, तभी इस खतरे से बचाव हो सकता है। - राजेश पांडेय, डीआईजी बरेली रेंज

ये है कानून

साइबर क्राइम से लोगों को बचाने और उनकी निजता की रक्षा के लिए आईटी एक्ट बनाया गया है। इसमें अलग-अलग अपराध के लिए अलग-अलग सजा का प्रावधान है। किसी डिवाइस या नेटवर्क सिस्टम में अनधिकृत घुसपैठ करना हैकिंग की श्रेणी में आता है, इसमें आईटी एक्ट की धारा 43 ए, धारा 66 तथा आईपीसी की धारा 379 और 406 के तहत तीन साल की जेल और पांच लाख के जुर्माने का प्रावधान है।

मुंबई के ड्रग्स वाले मामले में चैट लीक होने के बाद डर पैदा हुआ है। पहले हम व्हाट्सएप को पूरी तरह सुरक्षित समझते थे और उस पर निजी बातें भी शेयर करते थे लेकिन अब डाटा लीक होने की आशंका को नजरअंदाज नहीं कर पा रहे हैं। चैट लीक होने से महिला अपराध बढ़ सकते हैं और लोगों की निजता के साथ खिलवाड़ भी किया जा सकता है। इसे रोकने के लिए तकनीकी और कानूनी तौर पर और सख्ती की जानी चाहिए। - वर्षा कुमारी, छात्रा बरेली कॉलेज

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व्हाट्सएप चैट किसी भी तीसरी पार्टी तक पहुंचना सही नहीं है। कई व्यापारी व्हाट्सएप पर अपने अकाउंट और लेनदेन की जानकारी अपने करीबियों से शेयर करते हैं। डाटा लीक होने से साइबर ठगी की आशंका भी बढ़ सकती है। सरकार को निजता के उल्लंघन के मामलों में सख्त कार्रवाई का प्रावधान करना चाहिए। - विकास कुमार, व्यवसायी

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